बाराबंकी। कृषि यंत्रीकरण अनुदान योजना की बुकिंग में हुए गड़बड़झाले ने विभागीय मंत्री से लेकर अफसरों तक की नींद उड़ा दी है। अमर उजाला की खबर ‘साइट खुली नहीं कृषि यंत्रों की बुकिंग फुल’ का संज्ञान स्वयं कृषि मंत्री ने लेते हुए तत्काल प्रभाव से बृहस्पतिवार से होने वाले बड़े कृषि यंत्रों की बुकिंग पर रोक लगा दी है। इस व्यवस्था को और पारदर्शी बनाने को लेकर अधिकारियों से सुझाव मांगे हैं, ताकि बैठक में कृषि यंत्रों की बुकिंग का निर्णय लिया जा सके।
किसानों की महत्वाकांक्षी कृषि यंत्रीकरण अनुुदान योजना के कृषि यंत्रों के दलाल व डीलर सेंधमारी करने से बाज नहीं आ रहे है। कृषि यंत्रों की साइट की जिम्मेदारी सेवा प्रदाता के जरिए निजी हाथों में देने से तथाकथित ‘पारदर्शी व्यवस्था’ के नाम पर किसानों के साथ मजाक किया जा रहा है। हर बार की तरह इस बार भी मंगलवार से कृषि यंत्रों की बुकिंग शुरू हुई।
साइट खुली नहीं कृषि यंत्रों की बुकिंग फुल हो गई शीर्षक से अमर उजाला ने प्रमुखता से बुधवार के अंक में खबर प्रकाशित की। इसको लेकर शासन से लेकर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप सिंह शाही तक हैरतअंगेज रह गए। उन्होंने खबर का संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से बृहस्पतिवार से होनी वाली कस्टम हायरिंग सेंटर की बुकिंग पर रोक लगा दी।
वहीं साइट ओपेन हुए बिना कृषि यंत्र बुक होने की छानबीन के आदेश विभागीय अधिकारियों को दिए। इतना ही नहीं कृषि यंत्रो की बुकिंग की व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों से सुझाव भी मांगे हैं। जिसके बाद बैठक में कृषि यंत्रों की बुकिंग का निर्णय लिया जाएगा।
वहीं, मंगलवार को शत प्रतिशत बुकिंग होने के बाद बुधवार को सुबह नौ बजे से साइट ओपेन हुई तो तीन सौ प्रतिशत तक के कृषि यंत्रों की बुकिंग की गई। हालांकि, लक्ष्य पूरा होने के बाद बुकिंग कराने वाले किसानों को यंत्रीकरण योजना का लाभ मिलना आसान नहीं होगा।
कृषि यंत्रीकरण योजना में मंगलवार को हुई बुकिंग को लेकर प्रकाशित खबर का विभागीय मंत्री ने संज्ञान लिया है। उन्होंने दूरभाष पर बात कर जानकारी ली तो बृहस्पतिवार से होने वाली कस्टम हायरिंग सेंटर की बुकिंग पर रोक लगा दी है। पारदर्शी व्यवस्था को लेकर सुझाव भी मांगे है। बुधवार को साइट खुलने पर किसानों ने कृषि यंत्रों की बुकिंग की।
- अनिल कुमार सागर, उप कृषि निदेशक