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डायरिया की गिरफ्त में आए शहरी और ग्रामीण

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Urban and rural came under the grip of diarrhea - फोटो : BANDA
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बांदा/बदौसा। बदले मौसम में डायरिया का प्रकोप बढ़ा है। मुख्यालय समेत जनपद के अधिकांश गांव इससे प्रभावित हैं। जिला अस्पताल से लेकर सीएचसी-पीएचसी और निजी अस्पतालों में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भारी इजाफा हुआ है। उधर, बदौसा क्षेत्र के वकीलन पुरवा (तुर्रा) में लगभग पूरा गांव इसकी चपेट में है। 30 लोगों को मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
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पिछले एक हफ्ते से मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव के बीच डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन आधा सैकड़ा से ज्यादा मरीज भर्ती किए जा रहे हैं। इनमें लगभग 20 फीसदी बच्चे हैं। उधर, बीते तीन दिनों के अंदर वकीलन पुरवा पूरी तरह डायरिया की गिरफ्त में आ गया है। हर घंटे बिगड़ रही मरीजों की हालत पर उन्हें अतर्रा सीएचसी, जिला अस्पताल और मेडिकल कालेज पहुंचाया जा रहा है। हालांकि सीएचसी में इलाज के नाम पर सिर्फ ग्लूकोज की बोतल चढ़ाकर मरीजों को चंगा होने से पहले ही छुट्टी दे दी जा रही है। इसे लेकर मरीज और तीमारदार दोनों में ही रोष है। लगभग 400 आबादी वाले पुरवा में पांच सार्वजनिक हैंडपंप लगे हैं। इन्हीं से पूरा गांव पानी लेता है।
माना जा रहा है कि प्रदूषित पानी से भी डायरिया का प्रकोप हो सकता है। उधर, दूरस्थ क्षेत्र में बसे इस पुरवा में सड़क रास्ता भी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव तक नहीं पहुंच पाई। सड़क तक आ गए मरीजों को ही साथ लाई।
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वकीलन पुरवा में डायरिया ग्रस्त मरीज
चंकी (25), प्राची (1), निराशा (20), अशोक (15) व नीरज (13), बद्री (55), दिलीप (27), दीपक (4) अभिलाषा (22), लवकुश (25) को अतर्रा सीएचसी में भर्ती किया गया है। बैजनाथ (70), फूलमती (45), तुलसा (55), किशोरीलाल (58), अंजली (4), उपासना (12) को सीएचसी से जिला अस्पताल रेफर किया गया है। अखिलेश (40), शीलू (18), अर्जुन (12), पुनिया (55), पार्वती (40), रोशनी (16), बिट्टन (42), अनन्या (4), पूजा (24), तुलसा (48), राधा (22), प्रेमचंद्र (26) और प्रिया (3) निजी अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं।
400-500 ओआरएस का रोज वितरण
बांदा। जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर के चिकित्साधिकारी डा.विनीत सचान ने डायरिया मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफे की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर में इन दिनों रोजाना 50 से 60 मरीज डायरिया के आ रहे हैं। उन्हें भर्ती किया जा रहा है। इनमें औसतन 15 से 20 बच्चे होते हैं। ओआरएस की खपत भी बढ़ गई है। इन दिनों प्रतिदिन 400 से 500 पैकेट बांटे जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि मौसम और खानपान में चूक से डायरिया हो रहा है।
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