बांदा। उन्नाव बस हादसे के बाद मुख्यमंत्री ने डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाकर उन्हें रूट से हटाने के निर्देश अफसरों को दिए हैं। जिले के विभिन्न रूटों पर दौड़ रहीं बसों में ज्यादातर बसों की फिटनेस दुरुस्त नहीं है। बस संचालक मनमानी करते हुए अनफिट बसों में यात्रियों को ले जा रहे हैं। उधर, एआरटीओ शंकर सिंह का दावा है कि 300 बसें पंजीकृत हैं। इनमें 13 स्लीपर बसें भी शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में सिर्फ तीन बसें अनफिट हैं। मालिकों को नोटिस दिया है। बस मालिकों ने जुर्माना जमा कर दिया है। एआरटीओ ने कहा कि स्कूल बसों की चेकिंग का काम पूरा हो चुका है। लगभग 50 स्कूल बसें अनफिट मिली हैं, जिनको नोटिस देकर तत्काल फिटनेस दुरुस्त कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। एआरटीओ ने यह भी बताया कि लगभग 20 बसें ऐसी हैं जो 20 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुकी हैं, उनको भी नोटिस दी गई है। इन बसों को जल्द सरेंडर करवाया जाएगा।
सवारियों से भरी बस, जीप और ऑटो किया सीज
बांदा। संभागीय परिवहन कार्यालय के पीटीओ रामसुमेर यादव और परिवहन निगम के एआरएम कमल किशोर आर्या ने संयुक्त रूप से जांच की। रोडवेज बस स्टैंड के पास बांदा से चित्रकूट के लिए सवारियां भर रही प्राइवेट बस और एक बोलेरो कैंपर जीप पकड़ा है। बस सीज करते हुए 27 हजार रुपये और जीप को सीज करते हुए 22 हजार रुपये का चालान किया। इसी तरह सोमवार की शाम ऑटो चालक सवारियां भरकर आ रहा था, रोककर उससे कागजात मांगे, लेकिन वह कागजात नहीं दिखा पाया। इस पर ऑटो पपरेंदा चौकी में खड़ा कराते हुए सीज कर दिया और 21 हजार रुपये जुर्माना किया।