There was a stir due to the collapse of the temple, the ban on sand trucks
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खप्टिहा कलां। पैलानी क्षेत्र के अमारा गांव में चंद्रावल नदी पुल के पास मंदिर ध्वस्त हो जाने से बड़ी संख्या में आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। ग्रामीणों का आरोप है कि बालू खदान संचालकों ने मंदिर तुड़वाया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से एसडीएम और तहसीलदार तथा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। प्रधान और ग्रामीणों से जानकारी ली और उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। एसडीएम ने बालू के ट्रक इस मार्ग से निकालने पर रोक लगा दी है।
चंद्रावल नदी पुल रपटे के पास स्थित मंदिर मंगलवार को धराशाई मिला। एसडीएम सुरभि शर्मा और तहसीलदार तिमराज सिंह तथा जसपुरा थाना प्रभारी सुनील कुमार सिंह मौके पर पहुंच गए। ग्राम प्रधान कल्लू विश्वकर्मा व ग्रामीणों से जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि यह हनुमान जी का मंदिर है।
इसी बीच पूर्व प्रधान व खदान संचालक वहां पहुंच गए। इस पर प्रधान व अन्य ग्रामीणों ने कहा कि मंदिर की इमारत तो थी लेकिन मूर्ति नहीं थी। पुलिस कर्मियों ने मंदिर के अवशेषों को आनन-फानन दुरुस्त किया। एसडीएम ने बालू खदान संचालकों को निर्देश दिया कि बालू के ट्रक इस सड़क से नहीं निकालें। दूसरे रास्ते से निकाले जाएं।