The worship of Akshaya Navami, the effect of modernity
- फोटो : BANDA
बांदा। कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की नवी तिथि को मनाई जाने वाली अक्षय नवमी शनिवार को परंपरागत ढंग से मनाई गई। महिलाओं ने आंवले के पेड़ तले पूजा किया और पकवान ग्रहण किए।
महिलाओं के इस पर्व पर आधुनिकता का भी बोलबाला रहा। जहां तमाम महिलाओं ने आंवले के पेड़ की पूजा करके उसी के नीचे धरती पर पकवान ग्रहण किए तो दूसरी तरफ कुछ महिलाओं ने इसे पार्टी का रूप दिया।
घर की लॉन में टेबल सजाकर पकवान परोसे गए। शास्त्रों के अनुसार अक्षय नवमी पर आंवले के वृक्ष की पूजा करने से पापों से मुक्ति मिलती है। परिवार में खुशहाली आती है।
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