खप्टिहा कलां। सिद्धपीठ सद्गुरु सदन घड़ी दाई परिसर में आयोजित नौ दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के समापन पर शनिवार को कन्या भोज व भंडारा हुआ। कस्बा सहित आसपास के गांवों के सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा वाचक जगन्नाथ पीठाधीश्वर राघव दास महाराज (अयोध्या) ने कथा समापन में कहा कि राम से बड़ा राम नाम है। श्रीराम के नाम की ऐसी शक्ति है कि पत्थर भी पानी में तैरने लगते हैं। दो भाई नल-नील द्वारा श्रीराम नाम लिखे पत्थर से सेतुबंध बना दिया।
उन्होंने भक्तों से 24 घंटे में कम से कम एक घंटे प्रभु का स्मरण करने को कहा। कहा कि प्रभु स्मरण से हर कष्ट समाप्त हो जाते हैं। श्रीराम मंदिर हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक और विश्व की आत्मा है। अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर बन रहा है।