बांदा। 47 डिग्री तापमान से तप रहे मई के दूसरे पखवारे में शनिवार को मौसम ने करवट ली। दोपहर तक तेज धूप और 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही गर्म हवाओं से दोपहर बाद राहत मिली। बादल छाने के साथ ही जिले के कुछ इलाकों में तेज आंधी और बारिश हुई। तापमान में चार डिग्री की गिरावट आ गई। शाम को मौसम कुछ सुहावना हो गया। उधर, तेज आंधी से मुख्यालय सहित जिले के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति चरमरा गई। देर रात तक अधिकांश क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई।
जनपद के उत्तरी इलाके में यमुना नदी की बेल्ट में बारिश और आंधी का असर ज्यादा रहा। तिदंवारी संवाद के मुताबिक शाम करीब चार बजे तेज आंधी से कई टीन-टप्पर उड़ गए। कस्बे में बांदा-टांडा हाईवे पर बबेरू तिराहे पर लगा पीडब्ल्यूडी का दूरी सूचक बोर्ड टूटकर नीचे आ गिरा। लाइट पैनल भी ध्वस्त हो गया। कुछ देर के लिए यातायात बाधित हुआ। उधर, बबेरू संवाद के मुताबिक बबेरू व आसपास इलाकों में बारिश और तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी और लू से राहत दी।
आंधी का सबसे ज्यादा असर मुख्यालय की बिजली व्यवस्था पर पड़ा। कई स्थानों पर एचटी लाइनें और उनके इंसुलेटर टूट गए। लाइनों पर पेड़ की टहनियां आ गिरीं। शहर को बिजली आपूर्ति करने वाला 33 केवी पीली कोठी सब स्टेशन ठप हो गया। देर शाम तक यह चालू नहीं हो सका। उधर, मेडिकल कालेज फीडर की लाइन भी ब्रेक डाउन हो गई। शहर के लगभग सभी इलाकों में बिजली का यह संकट देर रात तक जारी रहा। तुलसी नगर सब स्टेशन भी ठप हो गया। पावर कारपोरेशन कर्मी देर रात तक फाल्टों को दुरुस्त कर आपूर्ति बहाल करने में जुटे रहे।
बांदा। लू का कहर जारी है। शनिवार को इससे एक और मौत हो गई। इसे मिलाकर एक पखवारे के अंदर लू से मरने वालों की संख्या बढ़कर तीन हो गई है। शनिवार को नगर पालिका परिषद सफाई नायक सुंदरलाल (50) निवासी छाबी तालाब ड्यूटी पर था। तभी लू से हालत बिगड़ गई। उसे तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया है। वहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, जिला अस्पताल सहित अन्य अस्पतालों में लू और मौसमी मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। शनिवार को भी जिला अस्पताल में लगभग 30 मरीज भर्ती किए गए और दो सैकड़ा से ज्यादा लोगों को उपचार के बाद दवाएं दी गईं।