बांदा। कोरोना और लॉकडाउन की आपदा को अवसर मानकर अभिभावकों की जेब खाली करने में जुटे निजी स्कूलों पर सत्तारूढ़ दल के सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर इन पर कड़ा अंकुश लगाने का अनुरोध किया है।
रविवार को मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में विधायक ने कहा है कि कोरोना काल में एलकेजी, यूकेजी से लेकर अन्य कक्षाओं के बच्चे घरों में ही पढ़ते रहे। छोटी कक्षाओं के बच्चों ने किसी स्कूल में पढ़ाई नहीं की। अब उन्हें अगली कक्षा में दाखिले के लिए निजी स्कूल टीसी और अंक तालिका मांग रहे हैं।
जब बच्चों ने स्कूल में पढ़ा ही नहीं तो टीसी या अंक पत्र कौन विद्यालय जारी करेगा? निजी स्कूलों की यह अंधेरगर्दी है। विधायक ने यह भी कहा है कि निजी स्कूलों ने कोरोना काल की भी फीस वसूल ली है। ट्यूशन फीस और अन्य मदों में मनमानी वसूली की है। अब जो बच्चे दाखिला ले रहे हैं उनसे प्रवेश शुल्क, परीक्षा शुल्क, सिक्योरिटी मनी और विविध खर्च के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है।
निजी स्कूल संचालक प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें अपने मनमाफिक दुकानों और मनमाफिक रेट पर बिकवा रहे हैं। कोर्स बार-बार बदला जा रहा है। पहले से ही परेशानहाल अभिभावक और परेशान हो रहे हैं। विधायक ने कहा कि शिक्षा के नाम पर निजी स्कूल लूट रहे हैं। इन पर तत्काल अंकुश लगाया जाना चाहिए।