बांदा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो घटनाओं में कक्षा ग्यारह की छात्रा और युवक ने शुक्रवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। छात्रा के परिजन खुदकुशी की वजह स्पष्ट नहीं कर सके।
परिजनों का कहना है कि ट्यूशन से पढ़कर घर आते ही छात्रा ने फांसी लगाकर जान दे दी। वहीं, युवक की मौत पर घरवालों का कहना है कि वह एक साल से बीमारी से आजिज था। पिछले साल ही उसकी शादी हुई थी। दोनों शवों का पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया है।
बिसंडा थाना क्षेत्र के लोधन पुरवा निवासी शत्रुघन की पुत्री साधना (17) ने शुक्रवार की शाम सीलिंग में रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। देर शाम खेत से घर लौटे बाबा रामशरण ने शव लटका देखा तो चीख पुकार मचाई। इसके बाद अन्य परिजनों को घटना की जानकारी दी।
घरवालों ने फंदा काटकर शव को उतारा और पीएचसी पहुंचाया। यहां डाक्टर ने मौत की पुष्टि कर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतका के चाचा गिरजा शरण ने बताया कि घटना के वक्त साधना घर में अकेली थी।
पिता शत्रुघन राजस्थान में मजदूरी करते हैं। मां और बाबा खेत चारा उखाड़ने गए थे। बताया कि साधना बिसंडा स्थित इंटर कालेज में 11वीं की छात्रा थी। रोजाना साइकिल से करीब तीन किलोमीटर दूर बिसंडा ट्यूशन पढ़ने के लिए आती-जाती थी।
घटना वाले दिन शुक्रवार को भी ट्यूशन पढ़कर घर आई और जान दे दी। आत्महत्या का ठोस कारण स्पष्ट नहीं हो सका। न ही कोई सुसाइड नोट आदि मिला। मृतका एकलौती बेटी थी। उधर, दूसरी घटना बबेरू कोतवाली क्षेत्र के आंबेडकर नगर मोहल्ले की है।
यहां काशी प्रसाद के पुत्र मनोज कुमार (25) ने शुक्रवार की रात खाली प्लाट में बबूल के पेड़ में पड़े झूले की रस्सी से फांसी लगाकर जान दे दी। देर रात घरवालों ने शव लटका देखा। भाई प्रमोद कुमार ने बताया कि पिछले एक साल से वह बीमारी से परेशान था।
उसका कानपुर और लखनऊ में इलाज भी चल रहा था। बीमारी के चलते कोई कोई कामकाज भी नहीं कर पाता था। दो भाई में छोटा था और उसकी शादी पिछले वर्ष फरवरी में हुई थी। पत्नी मनीषा घटना के वक्त मायके में थी।