बांदा। भारत-बांग्लादेश के सीमावर्ती क्षेत्रों से आ रही जाली भारतीय करेंसी की जांच और धर पकड़ में जुटी यूपी की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को इसके तार चित्रकूटधाम मंडल के चारों जिलों समेत कानपुर, फतेहपुर और प्रयागराज से जुड़े होने के सुराग मिले हैं।
सर्विलांस आदि के जरिये मुख्य आरोपी की तलाश की जा रही है। दो दिन पूर्व बांदा में जाली नोटों के साथ पकड़े गए दो आरोपियों से मिले सुराग के बाद एसटीएफ इन जिलों के वांछित या संदिग्ध लोगों की सूची बनाकर उनसे पूछताछ की तैयारी में जुटी है।
26 सितंबर की रात करीब 8:40 बजे प्रयागराज एसटीएफ टीम ने बांदा में पैलानी थाना क्षेत्र के नरी गांव मोड़ के पास कार में जाली करेंसी लेकर आ रहे जगभान पुत्र रज्जू (पैलानी, बांदा) और राजाराम प्रजापति पुत्र अयोध्या (उटिया, महोबा) के पास से कुल 74,300 रुपये के नकली नोट बरामद किए थे। इनमें 500 रुपये के 52 नोट और 100 रुपये 483 नोट बताए गए हैं।
एसटीएफ का कहना है कि पकड़े गए आरोपियों ने बताया है कि वह यह नकली नोट महोबा निवासी तुषार गुप्ता से लाते थे। खुद भी इसका इस्तेमाल करने के साथ आसपास के जिलों में पहुंचाते थे। एक लाख भारतीय नकली नोटों के बदले में 20-30 हजार रुपये असली भारतीय रुपये मिलते थे। एसटीएफ ने राजाराम प्रजापति की निशानदेही पर उसकी ससुराल बांदा के चिल्ला थाना क्षेत्र के पलरा गांव से ससुर रामलाल के पास 50 हजार रुपये नकली बरामद किए।
जाली नोट मामले में एसटीएफ के उप निरीक्षक (प्रयागराज) धर्मेंद्र सिंह द्वारा 27 सितंबर को शाम 7:33 बजे चिल्ला (बांदा) थाने में दर्ज कराई एफआईआर में दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे पूछताछ का ब्योरा दिया है।
नौ पेज की एफआईआर में खरेला (महोबा) गांव निवासी बादशाह सिंह का कोई जिक्र नहीं है, लेकिन एसटीएफ लखनऊ द्वारा 27 सितंबर को जारी प्रेस नोट संख्या-306 में यह उल्लेख किया है कि दोनों गिरफ्तार अभियुक्त राजाराम और जगभान ने बताया है कि उन्हें यह जाली नोट बादशाह सिंह (खरेला, महोबा) द्वारा संचालित गिरोह के सक्रिय सदस्य तुषार गुप्ता (महोबा) से मिलते थे।
इन जाली नोटों को वह बांदा, हमीरपुर, महोबा और आसपास के जिलों समेत सीमावर्ती मध्य प्रदेश जिलों में सप्लाई करते थे। एसटीएफ की प्रेस नोट के मुताबिक अभियुक्तों ने बताया कि बादशाह सिंह द्वारा संचालित गिरोह सागर (एमपी) से नकली नोटों को लाता है। प्रयागराज और फतेहपुर निवासी दो लोेगाें को भी यह जाली नोट उपलब्ध कराए हैं।
एसटीएफ ने बादशाह सिंह को बताया जेल में
जाली करेंसी मामले में एसटीएफ द्वारा जारी प्रेस नोट पर सवाल उठ रहे हैं? प्रेस नोट में बादशाह सिंह (खरेला, महोबा) को जेल में निरुद्ध लिखा गया है, जबकि बादशाह सिंह काफी अरसे से जेल से बाहर हैं। बुधवार को शाम उन्होंने बताया कि वह 6 वर्ष साढ़े 7 माह पूर्व जेल से रिहा हो चुके हैं। जिस आरोप में जेल गए थे उसमें निर्दोष बरी किए गए हैं। कहा कि जिस तुषार गुप्ता का नाम उनसे जोड़ा जा रहा है वह उसे जानते भी नहीं। पता चला है कि कई वर्ष पूर्व वह अपना मकान बेच कर महोबा से जा चुका है।
एक ही सीरियल नंबर के हैं सभी नकली नोट
नकल कभी असल नहीं होती। यह बात जाली नकली नोट मामले में भी साबित हुई। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से बरामद सभी नकली नोटों पर एक ही सीरियल नंबर अंकित है। उनके रंग और कागज की मोटाई में भी अंतर है। यह बात एसटीएफ ने अपनी एफआईआर में कही है। अभियुक्तों के हवाले से यह भी कहा है कि प्रयागराज के रहने वाले नरेश व आकाश को उपलब्ध कराते रहे हैं। इसके बदले में वह उन्हें असली नोट देते थे।
गांवदारी और बेवक्त बना गवाहों में रोड़ा
पैलानी थाना क्षेत्र में कार पर जाली नोट लेकर आने वाले दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने वाली एसटीएफ का कहना है कि गिरफ्तारी और जाली करेंसी की बरामदगी के स्वतंत्र गवाह उन्हें तलाशने के बाद भी नहीं मिले। गांवदारी और नवक्त (असमय) होने से कोई गवाह नहीं मिला। यह भी कहा कि गिरफ्तारी के समय मौजूद चिल्ला थानाध्यक्ष नरेंद्र प्रताप सिंह और उनके हमराही तथा अपनी एसटीएफ टीम के सदस्यों में पहले आपस में एक-दूसरे की तलाशी ली। किसी के पास कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
बादशाह से फिलहाल पूछताछ नहीं
एसटीएफ (प्रयागराज) टीम इस केस के खास आरोपी तुषार गुप्ता की तेजी से तलाश कर रही है। इसके अलावा और भी कई लोगों को हिरासत में ले सकती है। एसटीएफ अधिकारी का कहना है कि बादशाह सिंह से फिलहाल कोई पूछताछ नहीं की जा रही। अभी जांच पड़ताल चल रही है। तुषार की गिरफ्तारी के बाद और स्थिति साफ होगी।
एसटीएफ उपाधीक्षक ने कहा
मुख्य आरोपी तुषार गुप्ता और कई अन्य वांछितों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ टीमें लगीं हुईं हैं। इनकी लोकेशन ली जा रही है। तुषार की गिरफ्तारी और उसके बयानों के बाद अगली कार्रवाई होगी। तुषार का सागर (एमपी) स्थित एक फार्महाउस पर आना-जाना था। एसटीएफ वहां जाकर जांच करेगी। फार्म हाउस कर्मी की भी तलाश है। फिलहाल बादशाह सिंह पर कोई पुख्ता सीधा आरोप सामने नहीं आया है। इसलिए उनसे पूछताछ का कोई आधार नहीं है।- नवेंद्रु कुमार, पुलिस उपाधीक्षक, एसटीएफ, प्रयागराज।