बांदा। जेलर पर पिस्तौल तानने और जान से मारने की धमकी के मामले में बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की एमपी-एमएलए कोर्ट में बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। हालांकि मुख्तार को कोर्ट में बुधवार को पेश भी होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से वह कोर्ट में पेश नहीं हो सके। इस कारण न्यायालय में आरोप तय नहीं हो सके।
वर्ष 2003 में लखनऊ के जेलर ने आलमबाग थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि मुख्तार से मिलने आए लोगों की तलाशी लेने का आदेश देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी गई और मुख्तार ने उनके साथ अभद्रता कर पिस्तौल तान दी थी।
इसी मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने बांदा कारागार अधिकारियों सहित प्रशासन को आदेश दिए थे कि 29 सितंबर को अदालत में मुख्तार को पेश किया जाए। ताकि न्यायालय में आरोप तय हो सके। लेकिन जेल प्रशासन ने किन्हीं कारणों से मुख्तार को कोर्ट में पेश नहीं किया।
बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये पेशी हुई। मुख्तार के वकील ने कोर्ट में कहा कि मुख्तार पांच बार के निर्वाचित विधायक हैं। उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार सुविधाएं नहीं दी जा रही हैं, लेकिन जेल इसका पालन नहीं कर रहा है।
उन्हेें सोने के लिए तख्त व कूलर दिलाया जाए। विशेष न्यायाधीश आलोक कुमार श्रीवास्तव ने इस बाबत कारागार अधीक्षक से आख्या तलब की है। उधर, कारागार अधीक्षक अरुण कुमार, जेलर प्रमोद कुमार ने इस तरह की किसी भी पेशी से इनकार किया है।