बांदा। सर्द मौसम में डायरिया व सांस के रोगी बढ़ रहे हैं। ओपीडी में ज्यादातर रोगी सर्दी, डायरिया व सांस के आए। सोमवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में मरीजों की लाइन लगी रही। जबकि ट्राॅमा सेंटर में 13 रोगी डायरिया व सांस के भर्ती कराए गए।
दिसंबर माह की शुरूआत के साथ ही डायरिया और सांस के मर्ज ने जोर पकड़ रखा है। जिला अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को मरीजों की लाइन लगी रही। ज्यादातर मरीज डायरिया, बुखार और सांस से संबंधित आए। सभी का ओपीडी में इलाज किया गया।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ ईएमओ डॉ. विनीत सचान ने बताया कि सांस लेने में घरघराहट होने या लगातार खांसी आने, सीने में दबाव महसूस होना सांस रोग के लक्षण हो सकते हैं। सर्दी में अक्सर इसके मरीज बढ़ते हैं। इससे बचने के लिए विटामिन-डी से भरपूर चीजों का सेवन करें। ताजे फल और सब्जियों के साथ संतुलित आहार का सेवन करें। अंडा, सोया, पपीता, केला, चीनी, चावल और दही न खाएं।
सीएमओ डॉ. एके श्रीवास्तव ने बताया कि शहर के मोहल्ला एकता नगर, कैलाश पुरी में स्वास्थ्य टीम ने 101 घरों का निरीक्षण किया। घरों में 458 पानी से भरे पात्रों को देखा गया। इसमें चार घरों में डेंगू लार्वा मिला। इनमें दो घरों के मालिकों को नोटिस दिया गया। इसके अलावा जलभराव वाले स्थानों पर डेंगू लार्वा निरोधक दवा का छिड़काव किया गया।