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जान बचाएं, सड़कों पर मोहर्रम न मनाएं

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बांदा। मोहर्रम इस वर्ष भी सड़कों पर नहीं मनाया जा सकेगा। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कोविड गाइडलाइन का हवाला देकर इस पर रोक लगा दी है। कहा कि जान है तो जहान है।
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शनिवार को शहर कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक में अपर पुलिस अधीक्षक महेंद्र सिंह चौहान ने शासनादेश और कोविड गाइडलाइन का हवाला देकर कहा कि ताजिया, ढाल आदि सभी तरह के जुलूसों पर रोक रहेगी। पिछले वर्ष की तरह अबकी भी गाइडलाइन का पालन करते हुए घरों में ही मोहर्रम मनाएं। कहीं भीड़ न हो। सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्ता ने कहा कि जिंदगी सलामत रहेगी तो बहुत से मोहर्रम मनाने को मिलेंगे।
अभी कोरोना का खतरा कम नहीं हुआ है। पीस कमेटी सदस्यों ने भरोसा दिलाया कि सांप्रदायिक सौहार्द की छाप बन चुके मोहर्रम को सद्भाव पूर्ण और सादे माहौल में मनाया जाएगा। मोहर्रम कमेटी संरक्षक डॉ. मो. शोएब और अब्दुल वहीद ने ताजियादारों और इमामबाड़ा कमेटियों से कहा कि गाइडलाइन पर अमल करते हुए पिछली बार की तरह मोहर्रम मनाएं।
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तिरंगा समिति के शोभाराम कश्यप ने बांदा की हिंदू-मुस्लिम सद्भाव से भरपूर मोहर्रम की परंपरा का इतिहास बताया। बैठक में सभासद लल्लू खां, नीरज त्रिपाठी, अनवर अली, संजय काकोनिया, वाजिद अली, मौलाना आबिद रब्बानी व मौलाना मुमताज रब्बानी, संजय निगम अकेला, इरफान, तौफीक अंसारी सहित बड़ी तादाद में इमामबाड़ा कमेटियों के लोग मौजूद थे।
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