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कृषि कानूनों का विरोध, प्रदर्शन

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बांदा। कृषि कानूनों, नई शिक्षा व श्रम नीति के खिलाफ जन अधिकार पार्टी व भागीदारी संकल्प मोर्चा बैनर तले प्रदर्शन करते हुए ज्ञापन दिया गया। राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलक्टर को सौंपा। इसमें प्रदेश में बिगड़ी कानून व्यवस्था, महंगाई और आरक्षण खत्म करने का भी जिक्र है।
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अधिकार पार्टी और संकल्प मोर्चा का सोमवार को 67वां धरना-प्रदर्शन था। पहली जून से प्रत्येक सोमवार को प्रदर्शन के बाद ज्ञापन देने का सिलसिला जारी है। इसी श्रृंखला में सोमवार को कलक्ट्रेट में डिप्टी कलेक्टर को 17 सूत्री ज्ञापन दिया गया।
इसमें कहा कि आरक्षण समाप्त किए जाने और क्रीमीलेयर व्यवस्था लागू किए जाने का पार्टी और मोर्चा विरोध करता है। पिछड़ों, अनुसूचित जाति व अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है।
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प्रदेश सरकार का प्रशासन पर नियंत्रण नहीं रहा। मेडिकल प्रवेश में आरक्षण खत्म कर दिया गया। पिछड़े वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति खत्म कर दी गई। किसानों को बंधुआ मजदूर बनाया जा रहा है।
कहा कि नए कृषि कानून किसान विरोधी हैं। कालाबाजारी को बढ़ावा मिलेगा। नई शिक्षा नीति का उनका संगठन पुरजोर विरोध करता है।
ज्ञापन में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में कोरोना से मृत कर्मियों के आश्रितों को सरकारी नौकरी व एक करोड़ रुपये की मदद, पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम करने, बहन-बेटियों पर हो रहे अत्याचार रोकने, मजदूरों को 15 हजार रुपये एक मुश्त देने और फिर एक साल तक प्रतिमाह 7500 रुपये देने आदि मांगें शामिल रहीं।
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मंडल अध्यक्ष गिरधारी लाल कुशवाहा, हनुमान दास राजपूत, रविकांत कुशवाहा, अमित कुमार, सौरभ कुशवाहा, अरविंद कुमार आदि मौजूद थे।
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