Only one and a half percent voters want to vote at home
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बांदा। जिले के चारों विधानसभा क्षेत्रों के 176 दिव्यांग और 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 287 मतदाताओं को घर बैठे मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने की तैयारियां लगभग पूरी हो गई हैं। मतदान के दो दिन पहले यानी 20 और 21 फरवरी को पोलिंग पार्टियां इनके घर दस्तक देंगी। पोलिंग पार्टी का मुखिया पीठासीन अधिकारी के रूप में राजपत्रित अधिकारी होगा। दूसरी तरफ हालत यह है कि इस श्रेणी के मतदाता घर में मतदान में दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। सिर्फ डेढ़ फीसदी मतदाताओं ने ही बैलेट पोस्टल के लिए आवेदन किया है। दोनों श्रेणी के 29,617 मतदाताओं में सिर्फ 463 ही घर पर मतदान करेंगे।
जिले में 80 वर्ष से अधिक उम्र वाले 17,388 और 12,229 दिव्यांग मतदाता हैं। निर्वाचन आयोग ने पहली बार यह व्यवस्था की है कि इन दोनों श्रेणी के मतदाता बूथ पर जाए बगैर अपने घर में ही बैलेट पेपर से अपने पसंदीदा प्रत्याशी को वोट दे सकेंगे। इसके इच्छुक मतदाताओं से प्रशासन ने सहमति पत्र मांगा था। इस पर 80 वर्ष से अधिक आयु वाले 287 और दिव्यांग श्रेणी के 176 मतदाताओं ने आवेदन किया है।
उप निर्वाचन अधिकारी/एडीएम उमाकांत त्रिपाठी ने बताया कि विधान सभावार 20 टीमों का गठन किया जा रहा है। एक-एक टीम रिजर्व में रहेगी। हरेक टीम में राजपत्रित अधिकारी को पीठासीन अधिकारी बनाया गया है। साथ ही माइक्रो आब्जर्वर और पुलिस शामिल रहेगी।
मतदाता के घर पर जाकर टीम पोलिंग बूथ बनाकर मतपत्र देगी। बूथ में गोपनीयता बरकरार रखते हुए बैलेट पेपर पर चुनाव चिह्न के सामने टिक लगाने के बाद इसे मतपत्र पेटिका में डालेगा। इसकी वीडियोग्राफी भी होगी। इस प्रक्रिया के दौरान प्रत्याशी चाहेंगे तो अपना पोलिंग एजेंट भी उपस्थित रख सकेंगे। एडीएम ने बताया कि एक-दो दिन में मतपत्र आ जाएंगे।