समाजवादी पार्टी में प्रत्याशियों को लेकर ‘आया राम, गया राम’ चल रहा है। पिछले नौ माह में सपा ने तीन प्रत्याशी बदले। शनिवार को बांदा सदर सीट से हसनुद्दीन सिद्दीकी को प्रत्याशी घोषित किया है। हसन बसपा के राष्ट्रीय महासचिव और विधान परिषद मेें नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी के छोटे भाई हैं। हालांकि कई साल से दोनों के बीच संबंध नहीं हैं। उनमें पाला खिंचा है।
सपा ने पहली बार इसी वर्ष 25 मार्च को देवराज गुप्ता को बांदा सदर सीट से अपना प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन 12 दिन बाद ही उनका टिकट बदलकर छह अप्रैल को कमल सिंह मौर्या को दे दिया गया। तब से कमल मौर्या प्रत्याशी के रूप में लगातार प्रचार कर रहे थे। उन्हें प्रत्याशी घोषित हुए आठ माह से ज्यादा बीत गए। उनकी घोषणा के 248वें दिन शनिवार (10 दिसंबर) को सपा हाईकमान ने तीसरी बार टिकट बदलते हुए हसनुद्दीन सिद्दीकी को बांदा सदर सीट से प्रत्याशी घोषित कर दिया।
नए टिकट की घोषणा होते ही सपाइयों में सरगर्मियां और चर्चाओं का दौर गरमा गया। हालांकि जिलाध्यक्ष शमीम बांदवी समेत घोषित प्रत्याशी हसनुद्दीन सिद्दीकी और बदले गए प्रत्याशी कमल सिंह मौर्या शनिवार को लखनऊ में ही थे। हसनुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पार्टी हाईकमान ने उन पर जो भरोसा जताया है, उस पर वे खरा उतरने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे।