नरैनी। दो दिन पूर्व हुई ओलावृष्टि से किसानों की सैकड़ों बीघा फसलें खराब हो गई थी। करीब 40 गांवों के किसानों को लाखों का नुकसान हुआ है। तहसील प्रशासन ने सर्वे कराकर रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी है।
बरियारपुर गांव में ओलावृष्टि से घरों के खपरैल टूट गए थे। इस पर प्रशासन ने लगभग 200 लोगों को तिरपाल बंटवाया। मध्य प्रदेश की सीमा से सटे गांवों का बृहस्पतिवार को सागर के कमिश्नर वीरेंद्र सिंह रावत ,कलेक्टर हरजिंदर सिंह, एसडीएम अशोक अवस्थी, तहसीलदार सुरेंद्र कुमार जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सतीश सिंह आदि ने ओला प्रभावित गांव देवलपुर, मौकच्छ चौकी आदि का निरीक्षण किया। तहसीलदार लखनलाल राजपूत ने बताया कि ओलावृष्टि से चार-पांच गांवों की फसलें पूरी तरह से बर्बाद हुईं हैं। शासन से स्वीकृति मिलते ही पीड़ित किसानों को फसलों का मुआवजा दिलाया जाएगा।
बरियारपुर गांव के कच्चे मकानों के खपरैल भी ओलावृष्टि से टूट गए थे। इस पर नायब तहसीलदार यशपाल, नायब तहसीलदार हेमंत पटेल, राजस्व निरीक्षक गनेश प्रसाद और लेखपाल इंद्रजीत ने गांव के 200 लोगों को तिरपाल बांटे। एमपी के कमिश्नर ने भी पीड़ित किसानों को आश्वासन दिया है कि एक सप्ताह में सर्वे का काम पूरा कराकर किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी।