बांदा। मंडल में अधिक जल दोहन होने से 24 विकास खंडों में से 13 ब्लॉक डार्क जोन, क्रिटिकल और सेमी क्रिटिकल की श्रेणी श्रेणी में आ गए हैं। इससे इन जोन में जल दोहन पर रोक लगा दी गई है।
वहीं, शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में अब व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जल दोहन महंगा पड़ सकता है। बिना पंजीयन जल दोहन करने पर सजा और जुर्माना दोनों देना होगा। शासन ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी अस्पतालों व आवासीय कालोनियों के लिए जल दोहन के लिए पंजीयन कराना अनिवार्य कर दिया है। शासन ने पंजीयन के लिए 30 जून तक की डेट लाइन दी है।
ये ब्लॉक क्रिटिकल जोन में
बांदा जनपद के ब्लॉक बबेरू, जसपुरा, नरैनी सेमी क्रिटिकल, चित्रकूट के ब्लॉक के मऊ, पहाड़ी सेमी क्रिटिकल, कर्वी क्रिटिकल, हमीरपुर के ब्लॉक गोहांड, राठ, सरीला, सुमेरपुर, महोबा के ब्लॉक जैतपुर, पनवाड़ी डार्क जोन, चरखारी, कबरई सेमी क्रिटिकल होने से यहां पर नलकूप के जरिए भूगर्भ जलदोहन पर रोक लगा दी गई है।
पंजीकरण कराएं
शहर में दो सौ से अधिक निजी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निजी अस्पताल और आवासीय कालोनियों सहित पानी प्लांट आदि में बिना पंजीयन के जलदोहन हो रहा है। जिला भूगर्भ जल प्रबंधन परिषद के अध्यक्ष व डीएम अनुराग पटेल ने ऐसे लोगों से कहा कि वह पंजीयन व अनापत्ति प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए यूपीजीडब्लूऑनलाइनडॉटइन (upgwonline.in) में आवेदन कर सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने वाले को दो से पांच लाख का जुर्माना अथवा छह माह से एक वर्ष तक का कारावास अथवा दोनों हो सकता है।