बांदा। विकास प्राधिकरण बोर्ड की बैठक में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर निर्णय लिए गए। अब होटल और मॉल बनाने के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल की बाध्यता नहीं होगी। कारोबारी पांच सौ वर्ग में भी होटल बनवा सकेंगे। वहीं महायोजना-2031 को भी बोर्ड से हरी झंडी मिल गई है। अब शासन से स्वीकृति मिलने का इंतजार रहेगा।
मयूर भवन सभागार में मंडलायुक्त व बीडीए अध्यक्ष बालकृष्ण त्रिपाठी के समक्ष विकास प्राधिकरण सचिव संदीप केला ने सभी बिंदुओं को प्रस्तुत किया। महायोजना-2031 पर चर्चा के बाद इसे बोर्ड ने स्वीकृति दे दी। शासन स्तर से स्वीकृति के लिए भी सहमति दी गई। तुलसीनगर व पंडित दीनदयाल पुरम आवासीय योजना में आवासीय, व्यावसायिक, शैक्षिक, शॉपिंग मॉल, होटल व ग्रुप हाउसिंग के रिक्त भूखंडों की नीलामी कर मौजूदा दर पर ही दिए जाएंगे।
भवन निर्माण व विकास उपविधि 2008 में होटल निर्माण के लिए संशोधन किया गया। इसके तहत अब छह से 12 कमरों के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल की बाध्यता नहीं होगी। कमरों की संख्या 20 होने पर भूखंड का न्यूनतम क्षेत्रफल पांच सौ वर्ग मीटर होगा। अब नौ मीटर पहुंच मार्ग पर भी होटल बनाया जा सकेगा। पेट्रोल पंप स्थापित करने के लिए भूखंड के आकार व मानकों में भी संशोधन किया गया। अब 30-17 वर्ग मीटर के स्थान पर 20-20 वर्ग मीटर में भी यह अनुमन्य होंगे। मानचित्र स्वीकृति में लगने वाले अनुज्ञा फीस, विकास शुल्क, अंबार शुल्क नहीं बढ़ाए जाएंगे। मंडलायुक्त ने प्राधिकरण लैंड बैंक बढ़ाने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम नगेंद्र प्रताप, एडीएम राजेश कुमार, मुख्य कोषाधिकारी विनोद कुमार सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।