तिंदवारी। बीडीओ और सचिव ने सांठगांठ कर जालसाजी से ग्राम पंचायत के खाते से 6.14 लाख रुपये निकाल लिए। सीजेएम न्यायालय के आदेश पर दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मामला तिंदवारी क्षेत्र के जसईपुर ग्राम पंचायत का है। प्रधान अंजली वर्मा ने सीजेएम न्यायालय में दायर वाद में बताया कि उसकी शिक्षा हाईस्कूल तक है। उसे आवश्यक कार्यों और प्रक्रिया के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी। सचिव अजीत पाल ने नियमों का हवाला देकर उससे डोंगल और ग्राम पंचायत की चेकबुक ले ली। सचिव अजीत पाल व उस वक्त बीडीओ रहे अमित यादव ने कूटरचित ढंग से किसी पांडिचेरी संस्था के नाम पिछले साल 24 फरवरी से सात मई तक अलग-अलग तिथियों में ग्राम पंचायत जसईपुर के खाते से छह लाख से अधिक रुपये गो आश्रय स्थल और ग्राम पंचायत के विभिन्न कार्यों के नाम से निकाल लिए।
इसमें से ज्यादातर कार्य हुए ही नहीं हैं और उनका भुगतान कर लिया गया है। इसके लिए चेक में ग्राम प्रधान की फर्जी मुहर और हस्ताक्षर भी किए गए। ग्राम प्रधान अंजली वर्मा ने सीडीओ, जिलाधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक से फरियाद करने के बाद न्यायालय की शरण ली।
थाना प्रभारी कौशल सिंह ने बताया कि सीजेएम न्यायालय के आदेश पर बीडीओ अमित यादव व सचिव अजीत पाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420, 467, 468, 471, 409 पर रिपोर्ट दर्ज की गई है।
उधर सचिव अजीत पाल का कहना है कि उन्होंने ग्राम प्रधान का डोंगल कभी लिया ही नहीं है, फर्जी तरीके से फंसाया जा रहा है। आरोप बेबुनियाद हैं। बीडीओ अमित यादव का कहना है कि वह वर्तमान में कमासिन में तैनात हैं। ग्राम पंचायत के खाते से धन निकालने में प्रधान और सचिव की भूमिका होती है। उनकी कोई भूमिका नहीं होती है। फर्जी तरीके से रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।