बांदा। हापुड़ में अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज व संगीन धाराओं में मुकदमा पंजीकृत करने सहित गाजियाबाद के तहसील परिसर में अधिवक्ता की हत्या को लेकर वकीलों में खासा आक्रोश है। आंदोलित अधिवक्ताओं ने शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया। जिससे वादकारी भटकते रहे। वकीलों ने कोई न्यायिक कार्य नहीं किया।
जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष राजेश कुमार दुबे ने कहा कि हापुड़ में पुलिस ने अधिवक्ताओं पर लाठी चार्ज किया और उल्टा ही उनके ऊपर संगीन धाराओं में केस दर्ज कर लिया। इसी प्रकार गाजियाबाद की तहसील में स्थित चेंबर में साथी अधिवक्ता मनोज चौधरी की दिन दहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस की मनमानी के आगे मनोज चौधरी के शव सम्मान के साथ अंतिम संस्कार तक नहीं हो सका।
बार काउंसिल के आह्वान पर अधिवक्ता दो दिन से न्यायिक कार्य से वितर रहते विरोध दर्ज करा रहे है। महासचिव ओम प्रकाश सिंह ने कहा कि बताया कि हापुड व गाजियाबाद की घटना को लेेकर शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया गया। वकीलों ने न्यायालय संबंधी कोई कामकाज नहीं किया।
उधर, जिनके मुकदमें निस्तारण के लिए लोक अदालत में लगे थे वह अधिवक्ताओं के कामकाज न करने से पैरवी के लिए भटकते रहे। दूर-दराज से आए वादकारी बेरंग लौट गए।