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हृदय रोगी को लखनऊ के लिए नहीं मिल पाई बस

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Forum got 12.45 lakhs to two consumers - फोटो : BANDA
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बांदा। कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में यहां की रोडवेज बसें भेज दिए जाने का असर दूसरे दिन भी नजर आया। यात्री ठंड में भटकते और बसों का इंतजार करते रहे। यात्रियों में रोष भी देखा गया।
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जनपद की 25 रोडवेज बसें भाजपाइयों को लेकर कानपुर गईं थीं। ये बसें महत्वपूर्ण रूट लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज आदि पर चलतीं हैं। सोमवार से ही बसों के अधिग्रहण हो जाने से यात्रियों को संकट खड़ा हो गया। मंगलवार को भी बारिश, कोहरा और ठंड में यात्री डिपो परिसर में भटकते रहे। यहां अलाव की व्यवस्था भी नहीं थी। दिव्यांग वृद्ध रामचरण (बिजली खेड़ा) को बबेरू जाना था। बैसाखी लिए वृद्ध यात्री डिपो के पूछताछ कार्यालय से लेकर वर्कशाप तक भटकता रहा। बबेरू की बस नहीं मिली।
इसी तरह अलीगंज निवासी राधेश्याम ने बताया कि वह प्रयागराज जाने के लिए दो घंटे से बस का इंतजार कर रहे हैं। जंगल दफ्तर के पास रहने वाले रामप्रकाश ने कहा कि वह हार्ट का मरीज है। डॉक्टर को दिखाने के लिए लखनऊ जाना है। घंटों इंतजार के बाद भी बस नहीं मिली। यात्रियों ने कहा कि बसों का राजनीतिकरण किया जा रहा है। उधर, रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक परमानंद ने कहा कि बसें मंगलवार को शाम तक वापस आ जाएंगी। जो बसें थी उनका शत प्रतिशत संचालन किया जा रहा है। यात्रियों को कुछ मुश्किलें जरूर हुईं हैं।
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