बांदा। खनिज अधिकारी को सर्किट हाउस में बुलाकर कमरे में बंद कर मारपीट करने और 25 लाख रुपये हर माह देने की धौस-धमकी के आरोपी निवर्तमान विधायक ब्रजेश कुमार प्रजापति की अग्रिम जमानत अर्जी अदालत ने खारिज कर दी। करीब साढ़े तीन साल से ठंडे बस्ते में यह प्रकरण पड़ा था।
10 अक्तूबर 2018 को तत्कालीन खनिज अधिकारी शैलेंद्र सिंह ने देहात कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तिंदवारी विधायक ब्रजेश कुमार ने 9 अक्तूबर को रात करीब 8 बजे अपने सरकारी गनर व प्रतिनिधि को भेजकर उन्हें सर्किट हाउस बुलवाया। वहां विधायक ने 25 लाख रुपये हर माह देने को कहा।
उनका फोन छीनकर कमरे में बंधक बना लिया। नीरज पटेल व 5-6 अन्य लोगों ने लात-घूंसों से मारापीटा। गोली मारने की धमकी दी। खनिज अधिकारी ने विधायक के पैर पकड़कर बचने की आरजू-मिन्नत की। खनिज अधिकारी के साथ गए कर्मी के साथ भी मारपीट की। पुलिस ने विधायक और उनके साथी नीरज पटेल सहित कई अज्ञात लोगों पर धारा 147, 148, 342, 353, 323, 504, 506 आईपीसी की रिपोर्ट दर्ज की।
लगभग साढ़े तीन साल से यह मामला लंबित था। अब निवर्तमान विधायक और आरोपी ब्रजेश प्रजापति ने अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की। बुधवार को इस पर सुनवाई हुई। जिला शासकीय अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह परिहार ने जमानत अर्जी का विरोध किया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशन न्यायाधीश गजेंद्र कुमार ने अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी। विधायक को अब अदालत मे हाजिर होना पड़ेगा।