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एक पर कार्रवाई से निपटा रास्ते का विवाद

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बांदा। बबेरू तहसील और कमासिन ब्लाक क्षेत्र में आबाद जोरावरपुर गांव में दो बिरादरी के बीच लंबे अरसे से चला आ रहा रास्ता विवाद पंचायत से निपट सका। हालांकि, दबंगई करने वाले एक व्यक्ति पर पुलिस को शांतिभंग की कार्रवाई करना पड़ी।
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प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों ने प्रधान को रास्ते के लिए कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही एसडीएम ने दोनों पक्षों को सोमवार को भी अपने कार्यालय बुलाया है।
गांव में रास्ते के विवाद की वजह से निषाद समुदाय के करीब 50 घर खाली पड़े हैं। इनके परिवार जंगल में झुग्गी-झोपड़ी बनाकर गुजर-बसर कर रहे हैं। दो दिन पूर्व डीएम अनुराग पटेल को अर्जी देकर निषाद बिरादरी के लोगों ने रास्ते का विवाद निपटाने का अनुरोध किया था।
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कहा था कि दूसरे पक्ष की दबंगई और रास्ते के लिए जमीन न देने से उनके घरों में आवागमन नहीं होता था। मजबूरन वह घर बार छोड़कर बच्चों संग जंगल में रहने को मजबूर हैं। जहरीले कीड़ों का खतरा मंडराता रहता है।
यह भी आरोप लगाया था कि घर की महिलाओं के निकलने पर अभद्रता की जाती है। डीएम के निर्देश पर शनिवार को एसडीएम वंदिता श्रीवास्तव और सीओ सियाराम मौके पर जांच को पहुंचे। साथ ही दोनों पक्षों को बुलाकर पंचायत कराई।
आरोपों पर दूसरे पक्ष के दबंगों को दोनों अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। एसडीएम ने ग्राम प्रधान को खड़ंजा रास्ते के लिए कार्य योजना तैयार करने और शीघ्र काम शुरू कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने सोमवार को भी दोनों पक्षों के लोगों को बातचीत के लिए अपने दफ्तर बुलाया है। सीओ सियाराम ने बताया कि निषाद बिरादरी के लोगों की शिकायत पर दो दबंग भाइयों को चिह्नित किया गया है। एक आरोपी पप्पू का शांतिभंग में चालान किया गया।
बताया कि रास्ता न देने वाले पक्षों को सख्त हिदायत दी गई है कि कोई भी अराजकता हुई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दावा किया कि पंचायत के बाद लगभग रास्ते का विवाद निस्तारित कर लिया गया है। दूसरा पक्ष भी खड़ंजा के लिए जमीन देने को तैयार हो गया है। शांति व्यवस्था कायम है।
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