बांदा। धनतेरस पर भगवान धनवंतरि की जयंती मनाई गई। परंपरागत पूजन हुआ। माना जाता है कि कार्तिक मास कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी को समुद्र मंथन से भगवान धनवंतरि प्रगट हुए। वह आयुर्वेद के जनक थे। झंडा चौराहा स्थित लगभग 200 वर्ष पुराने मंदिर में उनकी पूजा हुई। उधर, शुभ संस्कृति किड्स जोन स्कूल में भी धनवंतरि जयंती पर आयोजन हुए।
झंडा चौराहा स्थित मंदिर के गर्भ गृह में सुबह से ही पूजा-अर्चना शुरू हो गई। वैद्य भी शामिल हुए। पूजन में यजमान के रूप में रिटायर्ड सूबेदार पूरनलाल वर्मा रहे। आचार्य प्रमोद अवस्थी ने पुरोहित के रूप में पूजन हवन कराया। गणेश-गौरी, वरुड़, भूदेवी का पूजन के साथ भगवान धनवंतरि की पूजा हुई। डा.शरद चतुर्वेदी, वैद्य रामसजीवन, लखनलाल रावत, डा.आरके प्राणायामी, संतू गुप्ता, विवेक राजे, तरुण खरे, मदन तिवारी, अन्नू वाजपेयी इत्यादि उपस्थित रहे। नि:शुल्क चिकित्सा परामर्श दिया गया।
उधर, शुभ संस्कृति किड्स जोन में धनवंतरि जयंती में आरोग्य भारती के तत्वावधान में गणेश वंदना हुई। पुलिस महानिरीक्षक के.सत्यनारायणा ने चित्र पर माल्यार्पण किया। स्कूल की ओर से उन्हें स्मृति चिन्ह दिए गए। 85 वर्ष से अधिक उम्र वालों को सम्मानित किया गया।
सीएमओ डा.वीके तिवारी, डा.सीके राजपूत, डा.चुन्नीलाल उपाध्याय, सुंदरलाल भार्गव, रमाशंकर श्रीवास्तव, फूल सिंह, मनमोहन सिंह, केसनी प्रसाद मिश्रा, सियाराम गुप्ता, सीताराम चंसौरिया आदि उपस्थित रहे। संतोष मसुरहा, ओमप्रकाश मसुरहा, राजकुमार राज इत्यादि भी शामिल थे। प्रबंधक संत कुमार गुप्ता ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किए।