फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जैविक खेती सीखने आए विदेशी किसान

विज्ञापन
civic - फोटो : BANDA
विज्ञापन
बांदा। आवर्तनशील (जैविक) खेती के प्रति विदेशी किसानों का भी रुझान तेजी से बढ़ रहा है। इसके गुर सीखने सात समुंदर पार से विदेशी किसान बुंदेलखंड आ रहे हैं। इसी श्रृंखला में पोलैंड के दो किसान यहां बांदा आए हुए हैं। इनमें एक महिला भी है। दोनों ही बुंदेलखंड के मशहूर प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह के बड़ोखर खुर्द स्थित कृषि फार्म और ह्यूमन एग्रेरियन सेंटर में खेती के गुर समझ और सीख रहे हैं। इनका प्रवास यहां सात दिन रहेगा।
विज्ञापन

पोलैंड के कुदोवाज्द्रयी सिटी के डेमियन और दक्षिणी पोलैंड के पुओस्क सिटी की महिला किसान जोआना शनिवार को शाम यहां पहुंचे हैं। दोनों रोजाना एग्रेरियन सेंटर परिसर में आवर्तनशील देशी खेती का अवलोकन और गहनता से अध्ययन कर रहे हैं। इसके अलावा दोनों विदेशी किसान भारतीय संस्कृति यानी गांव की संस्कृति को भी समझने में समय लगा रहे हैं। प्रेम सिंह सहित स्थानीय किसानों ने उन्हें गांवों की परंपरा और रहन-सहन के बारे में बताया।
यह जानकर विदेशी मेहमान काफी प्रभावित और आश्चर्यचकित हुए कि यहां पूरा गांव आपसी संबंधों से बंधा है। यही जीवनशैली है। साथ ही यहां की शहरी संस्कृति पर भी अध्ययन कर रहे हैं। हालांकि उनका मानना है कि शहरी संस्कृति काफी हद तक यूरोप की तर्ज पर बढ़ रही है। यह भी कहा कि शहरी सभ्यता गांवों की संस्कृति को खत्म कर रही है। उधर, सोमवार की शाम दोनों विदेशी किसानों ने प्रेम सिंह की बगिया में ही होला भुनवाकर खाया और लुत्फ लिया। इनके लिए यह नई डिश थी। उन्होंने इसे स्वादिष्ट बताया।
विज्ञापन

आवर्तनशील खेती में रासायनिक उर्वरकों/खाद के स्थान पर गोबर, सब्जियों के छिलके, अन्य जैव अपशिष्ट पदार्थों के प्रयोग से बनी जैविक खाद, कंपोस्ट खाद, वर्मी कंपोस्ट खाद व नाडेप विधि से बनी खाद का इस्तेमाल होता है। इस पद्धति की खेती में पानी का इस्तेमाल सीमित होता है। साथ ही इस पद्धति में यह भी जोर दिया जाता है कि कृषि उत्पादन सीधे बाजार में बेचने की बजाए छोटे स्तर पर उसके प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) की जाए। आवर्तनशील खेती का यह भी नियम है कि पैदा हुए अनाज के एक हिस्से को अगली फसल की बुवाई के लिए संरक्षित रखा जाए। आवर्तनशील खेती से खेत की मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता बनी रहती है। जलधारण क्षमता का विकास होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें