बांदा। कोरोनाकाल में लॉकडाउन के चलते कई मजदूर तबके के बच्चे शिक्षा से दूर हो गए। उन्हें एक बार फिर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए चिन्हीकरण, पंजीकरण और नामांकन का राज्य परियोजना कार्यालय से कार्यक्रम घोषित किया गया है।
इसमें 6 से 14 वर्ष के आयु वर्ग वाले ऐसे बच्चों का सर्वेक्षण किया जाएगा जो शिक्षा से दूर हो चुके हों। शारदा कार्यक्रम (स्कूल हर दिन आए) के अंतर्गत आउट ऑफ स्कूल एवं ड्राप आउट बच्चों के चिन्हीकरण किया जाएगा।
इस कार्य में परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों सहित शिक्षामित्रों, अनुदेशकों के साथ ही श्रम विभाग द्वारा नियुक्त सर्वेयर और सुपरवाइजर से सहयोग लिया जा जाएगा। इनमें ऐसे बच्चों को प्राथमिकता दी जा रही है जो आर्थिक तंगी के कारण ईंट-भट्ठा आदि में मजदूरी करते हो।
शारदा अभियान के तहत ऐसे बच्चों की जिंदगी संवारने का कार्य किया जाएगा। उनका आयु संगत कक्षा में नामांकन कराया जाएगा। उम्र व योग्यता के आधार पर प्रवेश दिलाकर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
शारदा कार्यक्रम दो चरणों में चलाया जाएगा। पहला चरण 10 सितंबर से 30 सितंबर तक चलेगा। इसमें बच्चों को चिह्नित कर नामांकित किया जाएगा। द्वितीय चरण 15 नवंबर से 30 नवंबर तक चलाया जाएगा। इसमें ईंट-भट्ठों तथा खदानों आदि उद्योगों में योजित बच्चों को नामांकित कर प्रवेश दिलाया जाएगा।
सामुदायिक सहभागिता समग्र शिक्षा अभियान के जिला समन्वयक सूर्यप्रकाश ने कहा कि 6 से 14 वर्ष के बच्चे यदि किसी विद्यालय में नामांकित नहीं हैं तो उनको शिक्षा की मुख्यधारा में जोड़ने के लिए प्रेरित किया जाएगा।