बांदा। कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्व विद्यालय में जैविक कृषि एवं केंचुआ खाद उत्पादन तकनीक पर आधारित पांच दिवसीय प्रशिक्षण की शुरुआत की गई। यह प्रशिक्षण महिला किसान तथा कैडर राष्ट्रीय आजीविका मिशन बांदा नवीन तकनीकी तथा व्यवहारिक कुशलता पर प्रशिक्षित करने के लिए आयोजित किया गया है।
मृदा विज्ञान एवं कृषि रसायन विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. जगन्नाथ पाठक ने महिला किसानों को प्रश्न पूछकर प्रायोगिक ज्ञान बढ़ाने पर जोर दिया। कुलपति डॉ. यूएस गौतम ने कहा कि केंचुआ खाद उत्पादन की नवीन तकनीक को अपनाकर ग्रामीण महिलाएं अपने व अपने परिवार की आजीविका चला सकती हैं।
अधिष्ठाता कृषि डॉ. जीएस पवार ने महिला किसानों से कहा कि वह अपने घर अथवा प्रक्षेत्र पर कम स्थान पर केंचुआ उत्पादन इकाई उत्पादन इकाई को अवश्य लगाएं। डॉ. देव कुमार ने प्रशिक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा बताई।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के कार्यालय सहायक अमित सिंह चौहान, डॉ. संजीव कुमार, डॉ. अजय कुमार सिंह, डॉ. सौरभ, डॉ. वीके गुप्ता, डॉ. जुगुल किशोर तिवारी, डॉ. राहुल कुमार राय, डॉ. अभिषेक कालिया, सुनील कुमार, मोहन सिंह समेत महिला किसान शामिल हुईं।