बांदा। जिले में बुखार का प्रकोप थम नहीं रहा है। शहर से लेकर गांवों तक बुखार कहर बरपा रहा है। मंगलवार को बुखार से एक और मौत हो गई। दो दिनों में यह चौथी मौत है।
उधर, सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में करीब 20 बुखार के मरीज भर्ती किए गए हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि लगातार तीसरे दिन भी डेंगू और मलेरिया का कोई केस सामने नहीं आया।
जसपुरा सीएचसी क्षेत्र अंतर्गत खप्टिहा कलां गांव निवासी घनश्याम की पत्नी क्रांति (35) बुखार से ग्रसित थी। सांस लेने में भी तकलीफ हो रही थी। परिजनों ने उसका प्राइवेट अस्पताल में इलाज कराया। हालत बिगड़ने पर मंगलवार को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां कुछ देर बाद उसने दम तोड़ दिया। गौरतलब है कि सोमवार को भी बुखार से पीड़ित तीन लोगों की मौत हो गई थी। वहीं मंगलवार को बुखार से हालत बिगड़ने पर मर्दननाका की रजनी, नसेनी की शिवदेवी, पतवन के हरिओम, चंदवारा के बदलू, कांशीराम कालोनी निवासी रजुलिया, मटौंध की प्रतिमा, पिंडारन की बुलबुल, छोटी बाजार की सीमा और सिविल लाइन के अश्वनी आदि को जिला अस्पताल ट्रामा सेंटर में भर्ती किया गया है।
उधर, चित्रकूटधाम मंडल के एकलौते राजकीयमेडिकल कॉलेज और जिला अस्पताल से लेकर सभी सीएचसी व पीएचसी में बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ रही है। मंगलवार को भी मेडिकल कालेज में लगभग एक हजार और जिला अस्पताल में करीब 1300 मरीज ओपीडी में इलाज को पहुंचे।
इनमें तीन सैकड़ा से ज्यादा मरीज बुखार के पाए गए। 72 मरीजों की खून जांच कराई गई। इमर्जेंसी में भी बुखार के मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।
डोर-टू-डोर सर्वे में मिले 2167 बुखार के मरीज
बांदा। विशेष अभियान के तहत डोर-टू-डोर सर्वे में स्वास्थ्य विभाग की 578 टीमों ने जिले में 2167 बुखार के मरीजों को चिह्नित किया है। इन सभी को नजदीकी अस्पतालों में इलाज और जांच के लिए भेजा गया।
यह विशेष अभियान 7 से 16 सितंबर तक चलेगा। सीएमओ डा. वीके तिवारी और जिला मलेरिया अधिकारी पूजा अहिरवार ने बताया कि विशेष अभियान में अब तक 2,23,479 घरों का टीमों ने भ्रमण किया है।
डेंगू के लक्षण वाले अब तक छह केस पाए गए। इनमें चार स्वस्थ हो चुके हैं। तीन दिनों से मलेरिया और डेंगू का कोई केस नहीं मिला। संक्रामक निरोधक टीम नगर पालिका/नगर पंचायत से समन्वय स्थापित कर निरोधात्मक कार्रवाई में लगी हैं।
मात्र एक फिजीशियन के सहारे ओपीडी
बांदा। बुखार के मरीजों की बढ़ती भीड़ के बावजूद जिला अस्पताल में मात्र एक फिजीशियन के भरोसे ओपीडी है। वरिष्ठ फिजीशियन डा. हृदयेश पटेल मरीजों का इलाज कर रहे हैं। दूसरे फिजीशियन डा. एसडी त्रिपाठी अवकाश पर हैं। मात्र एक चिकित्सक होने से तमाम मरीजों को बिना इलाज के बैरंग लौटना पड़ रहा है।