बांदा। कोरोना महामारी के कारण दो साल बाद जोश और जश्न से बकरीद का त्योहार मनाया गया। रविवार को मुख्य नमाज ईदगाह में अदा हुई। इसके साथ ही शहर की लगभग एक दर्जन मस्जिदों में भी लोगों ने नमाज अदा की। एक-दूसरे को गले लगकर मुबारकबाद दी। इसी के बाद कुर्बानी का सिलसिला शुरू हो गया। यह तीन दिनों तक चलेगा।
बकरीद का त्योहार हर साल इस्लामी कलेंडर के जिलहिज माह की 10वीं तारीख को मनाया जाता है। रविवार को सुबह से ही मुख्य ईदगाह नमाजियों से भर गई। दूर तक लाइनें लगीं। हथौरा के मौलाना रियाज ने नमाज अदा कराई और खुतबा पढ़ा। शहर काजी मौलाना कमरुद्दीन ने कुर्बानी की अहमियत बताई। इमाम और मौलानाओं ने अपनी तकरीर और दुआ में मुल्क की तरक्की, भाईचारा, सलामती और कौमी इत्तेहाद पर जोर दिया। बारिश के लिए भी दुआ की गई। नमाज खत्म होने के बाद एक-दूसरे से गले मिलकर बकरीद की मुबारकबाद दी गई।
नगर पालिका अध्यक्ष मोहन साहू, पूर्व चेयरमैन संजय गुप्ता, सपा जिलाध्यक्ष विजयकरन यादव, हसन सिद्दीकी, मुशीर अहमद, ओमनारायण त्रिपाठी, लवी सिंह, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. मोहम्मद रफीक, शेख सादी जमां, प्रसपा जिलाध्यक्ष इमत्याज खां, संजय निगम अकेला, शोभाराम कश्यप आदि उपस्थित रहे। एसपी अभिनंदन, अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र, सिटी मजिस्ट्रेट केशवनाथ गुप्त, सीओ राकेश सिंह, इंस्पेक्टर राजेंद्र सिंह राजावत भी मौजूद रहे।
शेख सरवर साहब की मस्जिद (कालवनगंज) में भी नमाज अदा हुई। मौलाना मेराज मसूदी (अकील मियां) ने नमाज अदा कराई। मरकज वाली मस्जिद, हाथी खाना रब्बानिया मस्जिद, पीरा मस्जिद, गौसिया मस्जिद, गुलाब बाग मस्जिद, बोड़े मस्जिद, खुटला, क्योटरा, पद्माकर चौराहा स्थित मस्जिद आदि में भी नमाज अदा हुई। इसी के बाद जानवरों की कुर्बानी शुरू हो गई।