बांदा। बुंदेलखंड विश्व विद्यालय की परीक्षा में बड़ी संख्या में फेल हो रहे छात्र-छात्राओं का आक्रोश थम नहीं रहा। विश्वविद्यालय प्रशासन की चुप्पी से यह और पनप रहा है। शुक्रवार को यहां आक्रोशित छात्र-छात्राओं ने जेएन डिग्री कॉलेज गेट पर धरना दिया और विश्वविद्यालय कुलपति को ज्ञापन के साथ चूड़ियां और सिंदूर भेजा।
बी.कॉम, बीएससी, एमए, एम काम परीक्षाओं में बड़ी संख्या में परीक्षार्थी फेल हुए हैं। उनका कहना है कि परीक्षा विसंगति पूर्ण हुई है। इसे दुरुस्त कर पुन: परीक्षा कराई जाए। लगातार चल रहे आंदोलनों के बाद भी विश्व विद्यालय प्रशासन ने ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं महाविद्यालय गेट पर धरने में बैठ गईं। ज्ञापन के साथ वह चूड़ियां और सिंदूर भी लिए थे।
कहा कि एक हफ्ते में तीन बार सीएम आदि को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। छात्र-छात्राओं को अगली कक्षा में प्रमोट किया जाए या पुन: लिखित परीक्षा हो। छात्रों के हंगामे पर सिटी मजिस्ट्रेट केशव नाथ गुप्त पुलिस बल के साथ पहुंचे और छात्र नेताओं से बात की।
सिटी मजिस्ट्रेट ने विश्वविद्यालय प्रशासन से हुई बात का हवाला देकर 10 अक्टूबर तक की मोहलत मांगी। छात्रों ने सिटी मजिस्ट्रेट और महाविद्यालय प्राचार्य को ज्ञापन और चूड़ियां सौंपते हुए इन्हें कुलपति को भेजने की मांग की। छात्र नेता लव सिन्हा ने कहा कि यह आखिरी चेतावनी है। आकाश दीक्षित, अभय प्रताप सिंह, शैलेंद्र कुमार वर्मा, यशराज गुप्ता, सनी पटेल, दीपक गुप्ता, भूपेंद्र निषाद, बाबू निषाद शामिल रहे।
छात्र संगठनों का भी छात्रों को समर्थन
बांदा। छात्रों की मांगों और आंदोलन का समर्थन राजनीतिक दलों से जुड़े छात्र संगठन भी कर रहे हैं। सपा छात्रसभा जिलाध्यक्ष निर्भय सिंह मोंटी, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सुधांशु सिंह चौहान, एनएसयूआई के सत्येंद्र तिवारी, उत्तर प्रदेश स्टूडेंट यूनियन के नीरज धुरिया, सपा लोहिया वाहिनी के पवन साहू, सर्व वैश्य एकता समिति के अंकित साहू, छात्रा मुस्कान द्विवेदी आदि ने छात्रों की मांग पूरी करने की मांग की।