बांदा। कोरोना की दूसरी लहर के पांच माह बाद बेसिक शिक्षा विभाग के कक्षा छह से आठ तक के तकरीबन 630 विद्यालय मंगलवार से फिर गुलजार हो गए। पूर्व की तरह कक्षाओं की शुरुआत के पहले प्रार्थना सभा हुई। इसके बाद पढ़ाई का कार्य शुरू किया गया।
हालांकि, 68,792 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में पहले दिन उपस्थिति मात्र 10 फीसदी से भी कम रही। जिले के कई विद्यालयों में तो बच्चों की उपस्थिति शून्य रही। बच्चों के स्कूल न आने से टीचर और स्टाफ आपसी गपशप और मोबाइल में मशगूल रहे।
खास बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर में बच्चों के चपेट में आने की संभावनाएं जताई जा रही हैं, इसके बावजूद पहले ही दिन स्कूलों में लापरवाही बरती गई। अधिकांश स्कूलों में बच्चे और टीचर बगैर मास्क नजर आए।
कई स्कूलों में तो सैनिटाइजर की भी व्यवस्था नहीं थी। स्कूलों में मिड-डे मील भी बना। शासन के आदेश छठवीं से आठवीं तक स्कूल खोलने के हैं, लेकिन मजेदार बात यह भी रही कि निजी स्कूलों में इन कक्षाओं में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति तो बेहद कम रही, लेकिन यहां पर प्राइमरी के बच्चे भी स्कूल पहुंच गए।
इसकी बानगी शहर के डिग्गी चौराहा में स्थित एक प्राइवेट स्कूल रहा।
समय-8 बजे। स्कूल-पूर्व माध्यमिक विद्यालय, झील का पुरवा।
स्कूल में प्रार्थना हो रही थी। यहां कक्षा 6 से 8 में 61 बच्चे पंजीकृत हैं। विद्यालय में 25 बच्चे मौजूद मिले। प्रधानाध्यापक मंजुला सिंह ने बताया कि 2-3 दिन में छात्रों की संख्या बढ़ जाएगी।
यहां सहायक शिक्षिका मनीषा सिंह, जगतपाल भी मौजूद रहे। यहां पहले दिन छात्रों को खिचड़ी परोसी गई। रसोइया सफीना और नाजमा ने कोविड गाइडलाइन के अनुसार भोजन पकाया।
समय-9.35 बजे। स्कूल-उच्च प्राथमिक विद्यालय कंपोजिट, बलखंडी नाका।
यहां कक्षा 6 से 8 तक के 54 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। स्कूल में एक भी छात्र मौजूद नहीं मिला। प्रधानाध्यापक अजिता दीक्षित समेत तीन शिक्षिकाएं बिना मास्क लगाए आपस में बातचीत करतीं मिलीं। शिक्षिकाएं बोली, सब बच्चे ननिहाल गए हैं। चार दिन बाद आना तो भीड़ मिलेगी।
समय-9.15 बजे। स्कूल-शिक्षा निकेतन, डिग्गी चौराहा।
इस प्राइवेट स्कूल में बिना मास्क के टीचर पढ़ाते मिले। यहां सिर्फ पांच छात्र ही उपस्थित रहे। मास्क तो लगाया पर सैनिटाइजेशन की व्यवस्था नहीं रही। यहां खास यह रहा है कि प्राइमरी कक्षा के भी बच्चे स्कूल में पढ़ते मिले।
सभी बगैर मास्क के थे। टीचर भी मास्क नहीं लगाए थे। टीचर बोलीं, अब बच्चे आ गए हैं तो भगा थोड़ी देंगे।
समय-10.40 बजे। स्कूल-पूर्व माध्यमिक विद्यालय, पुलिस लाइन।
यहां कक्षा 6 से 8 तक कुल 66 बच्चे पंजीकृत थे। इनमें दो बच्चे ही पहले दिन आए। प्रधानाचार्य विमलचंद्र व शिक्षक स्टाफ उपस्थित मिला। शिक्षक मास्क लगाए रहे। मिड-डे मील में रसोइया सावित्री, सुखिया, नवेदिया मास्क लगाकर दाल चावल बनाने में जुटीं थी।
रसोई में साफ-सफाई की व्यवस्था की गई थी। कोविड गाइडलाइन का यहां पालन नहीं मिला।
समय-12.45 बजे। स्कूल- पूर्व माध्यमिक विद्यालय, गूलर नाका।
यहां कक्षा 6 से 8 तक के 80 पंजीकृत बच्चों में महज तीन बच्चे ही उपस्थित मिले। प्रधानाध्यापक जरीना परवीन उपस्थित थीं। शेष सहायक अध्यापक विशेष ड्यूटी के चलते उपस्थित नहीं थीं। उन्होंने बताया कि त्योहार का पीछा है। इसलिए बच्चों की उपस्थिति न के बराबर है।
समय-7.58 बजे। स्कूल-उच्च प्राथमिक विद्यालय, पिपरगवां।
यहां प्रधानाध्यापक याशीन ने स्कूल का गेट खोला। ग्रामीण स्कूल गेट पर मवेशी बांधे थे। प्रांगण में घास उगी थी। प्रधानाध्यापक के बाद स्कूल स्टाफ पहुंचा। साढ़े 9 बजे तक एक भी बच्चा स्कूल नहीं पहुंचा। यहां कक्षा 6 से 8 तक के 117 बच्चे पंजीकृत हैं। अभिभावकों से सहमतिपत्र भरवाए जा रहे हैं।
पहले दिन तीन छात्राएं पहुंची
खप्टिहा कलां। कन्या प्राथमिक विद्यालय में मात्र एक छात्रा (कक्षा 6) की आई। कार्यालय व कक्षाओं में ताले लटकते मिले। सुबह 10 बजे विद्यालय शिक्षक रवींद्रनाथ ने बताया कि तीन छात्राएं आईं थीं।
प्रधानाध्यापक सुमन आंबेडकर ने बताया कि पहला दिन है। जनसंपर्क कर सहमतिपत्र भराकर बच्चों को विद्यालय आने के लिए प्रेरित करेंगे।
एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया
अतर्रा। पूर्व माध्यमिक विद्यालय लालथोक में सुबह 10:15 बजे शिक्षक मौजूद रहे। रसोइया तुलसा, रेखा, चुनकी बच्चों के घर-घर जाकर अभिभावकों से बच्चों को स्कूल भेजने की बात कही। एक भी बच्चा स्कूल नहीं आया।
इंचार्ज प्रधानाचार्य संगीता कुशवाहा, शिक्षक सतीश साहू, विमल शर्मा, शुभा कुशवाहा, सोनम, पूजा आदि मौजूद रहीं। उधर, निजी स्कूल संत विवेकानंद विद्या मंदिर छात्र-छात्राओं के हाथ सैनिटाइजर कराने के बाद मास्क लगाकर बच्चों को कक्षा में प्रवेश दिया।
यहां पहले दिन 18 बच्चे उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक राजा बाबू, प्रबंधक अनिल मिश्रा समेत शिक्षक मौजूद रहे।
पहले दिन पहुंचे 56 बच्चे
बबेरू। कन्या पूर्व माध्यमिक विद्यालय, श्रंगार थोक में साढ़े 10 बजे 77 पंजीकृत छात्र-छात्राओं में 56 बच्चे उपस्थित मिले। प्रधानाचार्य आकांक्षा दुबे ने बताया कि सभी के घरों में जाकर जानकारी दी है।
103 बच्चों में एक भी स्कूल नहीं पहुंचा
नरैनी। उच्च प्राथमिक विद्यालय शंकर पुरवा (गुढ़ा कला) में स्कूल खुलने के पहले दिन एक भी छात्र-छात्रा स्कूल नहीं पहुंचे। प्रधानाचार्य लाल बाबू सिंह राजपूत, तीन सहायक अध्यापक, दो अनुदेशक, एक शिक्षा मित्र स्कूल में उपस्थित रहे। प्रधानाध्यापक ने बताया कि यहां 103 बच्चे पंजीकृत हैं।