बांदा। लेट लतीफ या ड्यूटी से नदारद रहने वालों की डीएम अनुराग पटेल ने मंगलवार को जमकर खबर ली। विकास भवन अचानक पहुंचे डीएम ने 16 विभागों का ताबड़तोड़ निरीक्षण किया। 10 अफसरों की कुर्सियां खाली मिलीं। 30 कर्मचारी भी गैर हाजिर थे। इन सभी का एक दिन का वेतन काटकर डीएम ने स्पष्टीकरण तलब किया है।
सुबह 10:10 बजे डीएम सीधे विकास भवन पहुंचे। जिला विकास अधिकारी डॉ. रवि किशोर त्रिवेदी सहित उनके 3 कर्मचारी राबिया बेगम, रामबरन सिंह और अशोक निगम अनुपस्थित मिले। कुछ ही देर बाद जिला विकास अधिकारी आ गए।
पंचायत राज अधिकारी सर्वेश कुमार पांडे और उनके दफ्तर में गीता कुशवाहा, मनोज द्विवेदी, वंश बहादुर सिंह, शिवा दमेले, इरफान अहमद, महेंद्र कुमार तथा मिथलेश द्विवेदी अनुपस्थित थे। डीपीआरओ के बारे में बताया गया कि वह कोर्ट केस में बाहर गए हुए हैं। जिला समाज कल्याण अधिकारी गीता सिंह और उनके कार्यालय में वरिष्ठ लिपिक फूलचंद्र व रज्जू सिंह, अवधेश कुमार गुप्ता, अनूप तिवारी नहीं थे। उपायुक्त खाद्य राधेश्याम भी अनुपस्थित मिले।
आरईएस कार्यालय में अधिशासी अभियंता रजनीश कुमार सहित कार्यालय के राजेश कुमार निगम, हीरा लाल, राम खिलावन, नीलम वर्मा, मीरा देवी, ऋषि साहू, रति अहिरवार और रहमत हुसैन नदारद मिले। आरईएस के अधीक्षण अभियंता कार्यालय में सुरेशचंद्र भी अनुपस्थित थे।
उप दुग्धशाला विकास अधिकारी रामशरण प्रजापति, सहायक निदेशक मत्स्य ज्ञानेंद्र सिंह भी गैर हाजिर थे। जिला पूर्ति अधिकारी उबैदुर्रहमान डीएम के पहुंचने के बाद आए। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है। परियोजना अधिकारी नेडा ओपी शुक्ला और सहायक सुखराम सिंह, जिला कृषि अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार, एआर कोआपरेटिव राजेश कुमार, सहायक निरीक्षक अरुण तिवारी, ग्राम सेवक खुर्शीद आलम व हरिश्चंद्र भी ड्यूटी पर नहीं थे।
कौशल विकास मिशन कार्यालय में कुर्सियां खालीं थीं। यहां मैनेजर रामबरन पटेल व मो. शरीफ गैर हाजिर थे। उपायुक्त मनरेगा कार्यालय में वरिष्ठ सहायक मो. सगीर, डीआरडीए कार्यालय में शफीक खां व गजनफर हसन, अर्थ एवं संख्याधिकारी कार्यालय में अपर सांख्यिकीय अधिकारी देव आनंद अनुपस्थित पाए गए।
डीएम ने सभी अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के साथ ही स्पष्टीकरण तलब किया है। विकास भवन के शौचालय बेहद गंदे मिले। बीडीओ को उनकी रोजाना सफाई के निर्देश दिए।