बांदा। पांच माह बाद बेसिक शिक्षा विभाग के तकरीबन 630 जूनियर विद्यालय मंगलवार (24 अगस्त) से गुलजार हो जाएंगे। जूनियर छात्र-छात्राओं की शिक्षा को लेकर विभाग ने गाइडलाइन जारी की है। कोविड-19 से बचाव के लिए निगरानी समितियां बनाई गई हैं।
प्रधानाध्यापक को स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करने के निर्देश हैं। आपातकालीन स्थिति के लिए कोविड टास्क फोर्स का भी गठन किया जाएगा। जनपद में जूनियर कक्षाओं में तकरीबन 68,792 (कक्षा छह से आठ तक) छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं।
यह सभी शैक्षिक सत्र पहली अप्रैल से अब तक घर में ही रहकर पढ़ाई कर रहे थे। अब स्कूल में जाकर पढ़ाई कर सकेंगे। मिड-डे मील भी बनेगा। अध्यापक कोविड गाइडलाइन के अनुसार दो पालियों में पढ़ाएंगे।
हरेक पाली में 50-50 फीसदी छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रहेगी। प्रथम पाली सुबह 8 बजे से 11 बजे तक और दूसरी पाली साढ़े 11 बजे से दोपहर ढाई बजे तक की होगी। गाइडलाइन के अनुसार छात्र-छात्राओं को कम से कम 6 फीट की दूरी पर बैठाया जाएगा।
विद्यालय आने के लिए बच्चों से उनके माता-पिता की सहमति लेना अनिवार्य है। बेसिक शिक्षा विभाग ने इसकी तैयारी पूरी कर ली है।
स्कूल संचालन की ये है गाइडलाइन
सभी शिक्षक, कर्मियों और छात्र-छात्राओं को विद्यालय अवधि में मास्क पहनना अनिवार्य होगा। सभी हाथ धोकर तथा सैनिटाइज करके ही विद्यालय में प्रवेश करेंगे। विद्यालय के सभी गेटों को आगमन और प्रस्थान के लिए खोला जाएगा, ताकि भीड़ न इकट्ठा हो सके।
आगंतुक कक्ष, हाथ सफाई स्थल, पेयजल केंद्र, टॉयलेट के बाहर गोले बनाए जाएंगे। स्कूल परिसर की प्रतिदिन सफाई हो।
मिड-डे मील बनाने की ये है गाइडलाइन
सभी रसोइयों को रसोईघर में मास्क पहनना अनिवार्य है। किसी भी प्रकार के आभूषण को पहनने की अनुमति नहीं होगी। बर्तनों को अच्छी तरह से साफ किया जाएगा। छात्र-छात्राओं को पंक्तिबद्ध रूप में निर्धारित दूरी का पालन करते हुए बैठाएं और भोजन परोसें।
भोजन पकाने के दौरान एकत्रित कूड़े को ढक्कनदार डस्टबिन में डालें। धोए गए बर्तनों को धूप में सुखाकर रसोईघर में रखा जाएगा।
कोविड गाइडलाइन के अनुसार विद्यालयों में पढ़ाई शुरू कराने के निर्देश दिए गए हैं। सभी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को निर्देशित किया गया कि कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए समय से दो पालियों में शिक्षण कार्य कराया जाए। मास्क और सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाए।
- रामपाल सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, बांदा