बलरामपुर। तुलसीपुर रेंज के हलौरा गांव में शुक्रवार रात मादा तेंदुआ कुनबे के साथ शिकार की तलाश में पहुंची थी। ग्रामीणों ने शोर मचाया तोे मादा तेंदुआ कुनबे संग भाग गई मगर एक शावक गांव में ही छूट गया। ग्रामीणों ने उसे पकड़कर वन विभाग के सुपुर्द कर दिया। हालांकि शावक छूटने से ग्रामीणों में दहशत है कि मादा तेंदुआ उसकी तलाश में जरूर आएगी। इसके चलते वन विभाग की टीम गांव में मुस्तैद है और ग्रामीणों को सतर्क रहने का सलाह दी गई है।
सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग के तुलसीपुर रेंज जनकपुर की ग्राम पंचायत हलौरा में कुछ दिनों से मादा तेंदुआ का कुनबा रह रहा है। हलौरा के आसपास लैबुड़वा, भोजपुर, मेहंदिया, प्रतापपुर, पिपरी, पिपरा, लौकीखुर्द आदि गांवों में मादा तेंदुआ दो माह में 15 से अधिक पालतू जानवरों का शिकार कर चुकी है।
हलौरा निवासी निसार अहमद, रफीक, अकबाल व संग्रामपुर निवासी प्रभु की बकरियों व बछड़ों को मादा तेंदुआ निवाला बना चुकी है। शुक्रवार रात मादा तेंदुआ अपने कुनबे के साथ गांव में शिकार के लिए घूम रही थी। इसी बीच ग्रामीणों की नजर मादा तेंदुए के कुनबे पर पड़ी।
ग्रामीणों ने शोर मचाकर मादा तेंदुआ सहित उसके कुनबे को खदेड़ दिया, लेकिन अफरातफरी में एक शावक गांव में ही छूट गया, जिसे ग्रामीणों ने पकड़कर जनकपुर के रेंजर अमरजीत प्रसाद के सुपुर्द कर दिया। अब ग्रामीणों को ये डर सता रहा है कि तेंदुए के शावक को पकड़ने के बाद कहीं वह आदमखोर न हो जाए, इसे लेकर दहशत का माहौल है।
ग्रामीण सूर्यास्त होते ही घरों में कैद हो जाते हैं। ग्रामीण अब्दुल अहद, अब्दुल हमीद, इब्राहिम, अब्दुल हफीज, अब्दुल कलाम, सलमान अहमद, करीम आदि ने रेंजर से बताया कि हम लोगों ने अकेले खेत में जाना बंद कर दिया है।
रेंजर अमरजीत ने वनरक्षक अमित सारस्वत की टीम की ड्यूटी गांव में लगाई है। गांव में प्रवेश के सभी रास्तों पर रात के समय अलाव जलाने की सलाह दी गई है। तेंदुए के शावक को गांव से थोड़ी दूरी पर छोड़ दिया गया है।