बलरामपुर। शिक्षा क्षेत्र श्रीदत्तगंज के उच्च प्राथमिक विद्यालय कालूबनकट में बीते दिन पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों को पर्यावरण की रक्षा के लिए कचरे के रूप में फेंके जा रहे पॉलीथिन, रैपर व प्लास्टिक के पानी के बोतल आदि से इको ब्रिक बनाने का तरीका बताया गया।
विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिलीप चौहान ने बच्चों को बताया कि गांव व शहर में फेंके गये पॉलीथिन, नमकीन, बिस्कुट, टॉफी व चाकलेट आदि के रैपर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं। हमारे आसपास पॉलीथिन का अंबार लगा है। यह पॉलीथिन सैकड़ों वर्षों तक न ही गलती है और न ही सड़ती है। पॉलीथिन को जलाने पर उससे जहरीली गैस का फैलाव भी होता है।
इन पॉलीथिन को इधर-उधर फेंकने के बजाय उसका इको बिक्र बनाकर उपयोग किया जा सकता है। पॉलीथिन से बने ये ब्रिक न सड़ेंगे और न गलेंगे। इस अभियान से हम अपने स्कूल, गांव व शहर को पॉलीथिन से मुक्त कर सकते हैं। इस अवसर पर अशोक कुमार गुप्ता, मृदुला पालीवाल, अख्तर सिद्दीकी, राम सागर, शेफाली, कंचन, गीता, छोटका, गुड़िया व राम नाथ यादव आदि मौजूद रहे।