बलरामपुर। सोहेलवा वन्य जीव प्रभाग के घने जंगल से सटे शिक्षा क्षेत्र शिवपुरा के कई स्कूलों में संसाधनों का अभाव होने के चलते यहां बच्चे जंगली जानवरों के दहशत में रहते हैं। अमर उजाला की पड़ताल में शुक्रवार को स्कूलों के खामियों का खुलासा हुआ है।
अमर उजाला टीम ने शुक्रवार को शिवपुरा शिक्षा क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय अतरपरी का मौका मुआयना किया। प्रभारी प्रधानाध्यापक दीपक खरे स्कूल से नदारद मिले। सहायक अध्यापक हेमंत पांडेय, शिक्षामित्र दयाराम व राजेश कुमार मिश्र ने बताया कि प्रभारी प्रधानाध्यापक छुट्टी पर हैं।
विद्यालय में पंजीकृत 130 छात्र-छात्राओं की तुलना में सिर्फ 27 ही मौके पर उपस्थित मिले। विद्यालय काफी पुराना होने के बावजूद अभी तक बाउंड्रीवाल का निर्माण नहीं कराया गया है। जंगल के समीप होने के कारण बच्चों को जंगली जानवरों का डर बना रहता है।
बच्चों को फल व दूध कभी-कभार ही दिया जाता है। अभिभावकों के बैंक खाते लिंक होने के बाद भी अभी बच्चों के ड्रेस व स्वेटर का पैसा नहीं आया है। प्राथमिक विद्यालय भंगहा सभी स्टाफ मौजूद मिले। पंजीकृत 144 की तुलना में 79 विद्यार्थी स्कूल में मौजूद मिले।
प्रभारी प्रधानाध्यापक पवन कुमार ने बताया कि स्कूल में गांव के व्यक्ति के घर का कार्यक्रम था जिसके चलते पढ़ाई बाधित हो रही है। अभिभावक साकिरा, गुलाम रजा व रानी ने बताया कि स्कूल में बच्चों को दूध नहीं मिल रहा है। फल कभी-कभार दिया जाता है। बीईओ शिवपुरा राजेश कुमार ने बताया कि जांच करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। बाउंड्रीवाल का निर्माण कराने के लिए पत्राचार किया जा रहा है।