बलरामपुर। ऑपरेशन कायाकल्प से जिले के 1811 प्राथमिक, उच्च प्राथमिक व कंपोजिट विद्यालयों की तस्वीर बदली जाएगी। बेसिक शिक्षा व पंचायती राज के साथ बिजली विभाग का सहायोग लिया जाएगा।
तीनों विभागों के संयुक्त प्रयास से विद्यालयों में कायाकल्प के कार्य कराए जाएंगे। शासन ने विद्यालयों में ऑपरेशन कायाकल्प को पूरा कराने के लिए तीनों विभागों को जिम्मेदारी सौंपी है। विद्यालयों के शैक्षणिक परिवेश के विकास में आपरेशन कायाकल्प से 2.57 लाख विद्यार्थियों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।
शिक्षा सत्र 2020-21 में बेसिक शिक्षा विभाग के सभी विद्यालयों को 19 पैरामीटर पर कायाकल्प कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 19 पैरामीटर पर ऑपरेशन कायाकल्प के मानक पूरा होने के बाद जिले के 1161 प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाने वाले 1,40,961 नौनिहालों को कांवेंट की तरह मूलभूत सुविधाएं मुहैया हो सकेंगी।
जिले के 260 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले 23,567 और 390 कंपोजिट विद्यालयों के 92,177 छात्र-छात्राओं को मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।19 पैरामीटर का पहला मानक शुद्घ व सुरक्षित पेजयल है। दूसरा मानक बालक शौचालय, तीसरा मानक बालिका शौचालय है।
पैरामीटर मानक का चौथा बिंदु नल-जल आपूर्ति, पांचवां बिंदु शौचालय/मूत्रालय टाइलीकरण, छठवां बिदुं दिव्यांग सुलभ शौचालय, सातवां बिंदु मल्टीपल हैंड वाशिंग यूनिट, आठवां बिदुं सभी क्लास रुम के फर्श का टाइलीकरण, 9वां बिंदु श्यामपट, 10वां बिंदु रसोईघर, 11वां बिदुं विद्यालय की समुचित रंगाई-पुताई, 12वां बिंदु विद्यालय परिसर में दिव्यांग सुलभ रैंप व रेलिंग, 13वां बिंदु कक्षाओं में उपयुक्त वायरिंग व बिजली के उपकरण, 14वां बिंदु विद्यालय का विद्युत संयोजन, 15वां बिंदु बालक मूत्रालय, 16वां बिंदु बालिका मूत्रालय, 17वां बिंदु फर्नीचर व डेस्क-बेंच, 18वां बिंदु विद्यालय परिसर में फोर्स लिफ्ट अथवा सबमर्सिबुल से जल-नल आपूर्ति और 19वां बिंदु सुरक्षित चहारदीवारी के साथ मुख्य गेट शामिल है।
डीसी निर्माण एनके सिंह ने बताया कि14 पैरामीटर के बजाय अब जिले के सभी विद्यालयों में 19 पैरामीटर के मानक पर कार्य कराए जाएंगे। विद्यालयों में 19 पैरामीटर के मानक पर कायाकल्प के कार्य पंचायती राज विभाग के सहयोग से पूरा कराए जांएगे। बिना बिजली वाले विद्यालयों में विभाग के एई व जेई से मिलकर कनेक्शन कराए जाएंगे।