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बारिश के अभाव में सूख रही है गन्ना, धान व सब्जी की खेती

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फोटो-3-बलरामपुर में बारिश न होने से सूख गई गन्ने की फसल - फोटो : BALRAMPUR
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बलरामपुर। बारिश न होने से गन्ने व सब्जी की फसल खेतों में सूख रही है। किसानों को धान की नर्सरी लगाने में भी दिक्कत हो रही। जिले के अधिकांश राजकीय नलकूप खराब हैं और नहरों में धूल उड़ रही है। ऐसे में असिंचित इलाकों में सिंचाई की सुविधा न होने से धान की नर्सरी पिछड़ रही है, जिससे अन्नदाताओं को चिंता सताने लगी है।
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जून माह की तपिश से लोगों का हाल बेहाल है। बुधवार को अधिकतम तापमान 44.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। अगले कई दिनों तक इसी तरह से तापमान बने रहने की संभावना है। लोग मानसून आने का इंतजार कर रहे हैं। भीषण गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। बारिश न होने से नहरों व तालाबों में धूल उड़ रही है। तमाम राजकीय नलकूप या तो खराब हैं या बिजली कटौती से उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। खेतों में लगी गन्ने की फसल पानी के अभाव में सूख रही है। सब्जियों की खेती करने वाले किसान भी परेशान हैं।
धान की नर्सरी लगाने के लिए असिंचित इलाकों के किसान मानसून आने का इंतजार कर रहे हैं। सिंचित इलाकों में डीजल की महंगाई के चलते किसान परेशान हैं। उम्मेद सिंह, अब्दुल अजीज, बल्देव, शिव प्रसाद, रामसरन, देवता प्रसाद व कल्लू आदि का कहना है कि करीब एक माह पहले बारिश हुई थी। जिससे छोटे-छोटे गड्ढों में पानी भर गया था, जिसमें धान की नर्सरी लगाई गई थी। इधर, भीषण गर्मी के चलते धान की नर्सरी अब सूख रही है। गन्ने की फसल भी सिंचाई के अभाव में सूख रही है। खेतों में दरार पड़ गई है। जिला कृषि अधिकारी आरपी राना ने बताया कि अभी बारिश होने की संभावना कम दिख रही है। तपती गर्मी में किसान अपने खेतों की अधिक से अधिक जुताई करें, जिससे खरीफ की फसल बोने के बाद उसमें अच्छी पैदावार हो।
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1.64 लाख किसान करते हैं गन्ने की खेती
जिले की मुख्य नकदी फसल गन्ना है। जिले के गन्ना किसानों का गन्ना यहां की तीन चीनी मिलों में सप्लाई होता है। पूरे जिले में 1.64 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। 92 हजार हेक्टेअर क्षेत्रफल में गन्ने की खेती की जाती है। बारिश न होने से सबसे ज्यादा परेशान असिंचित क्षेत्र के गन्ना किसान हैं।
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