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मांगें न मानी तो सरकार को वोट नहीं

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बलरामपुर। श्रमिकों की समस्याओं को लेकर शुक्रवार को प्रदर्शन किया गया। चीनी मिल संघर्ष समिति की तरफ से कलेक्ट्रेट पर आयोजित धरने में सरकार पर हमला बोला गया। मांगें पूरी न होने पर 20 दिसंबर को बलरामपुर चीनी मिल गेट पर उग्र आंदोलन करने की चेतावनी दी गई। चीनी मिल मजदूरों ने वेज न मिलने पर प्रदेश सरकार को विधानसभा चुनाव में वोट न देने का ऐलान किया गया है।
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धरने को संबोधित करते हुए बलरामपुर चीनी मिल संघर्ष समिति के अध्यक्ष जय प्रकाश सिंह, संरक्षक सुधांशु प्रताप सिंह, महामंत्री मंगल प्रसाद, उपाध्यक्ष संजय तिवारी, जय प्रकाश सिंह, अजय श्रीवास्तव, संगठन मंत्री अजय भारती, राजेश्वर प्रसाद व सदस्य हरिशंकर पटेल आदि ने कहा कि वर्तमान सरकार पूरी तरह से श्रमिकों की विरोधी है। श्रमिकों के हितों को पूरी तरह से नजरअंदाज करती जा रही है।
संगठित श्रमिक असंगठित क्षेत्र में आता जा रहा है। चीनी उद्योग सबसे पुराना है जो निकाय, बिजली, परिवहन, शिक्षक व राज्य कर्मचारियों से भी अच्छा था लेकिन सरकार की उपेक्षा से सबसे पीछे हो गया है। कर्मचारियों की सेवा शर्तें दिन प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। वर्तमान सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल में मजदूरों की उपेक्षा की है।
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मजदूरों का वेतन पुनरीक्षण वर्ष 2018 से अब तक सरकार की अलमारी में धूल फांक रहा है। वेतन व अन्य समस्याओं का निस्तारण कराने के लिए प्रदेश सरकार ने श्रम आयुक्त गठित किया था लेकिन अभी तक शासन को रिपोर्ट नहीं दी गई है। सरकार ने श्रम आयुक्त के कार्यकाल को 30 दिसंबर तक बढ़ाकर निस्तारण कराने का जिम्मा सौंपा है लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई प्रयास शुरु नहीं किया गया।
मांगों के समर्थन में 20 दिसंबर को बलरामपुर चीनी मिल गेट पर उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरने को दीपक कुमार, राजेश्वर प्रसाद यादव, अनिल मौर्य, मुन्नालाल, प्रदुम्मन यादव, सत्यदेव शर्मा, गोपाल यादव, नंदकुमार सोनकर व श्याम बाबू आदि ने संबोधित कर सरकार के खिलाफ आरपार की लड़ाई का ऐलान किया। धरने के बाद समिति की तरफ से डीएम को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया।
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