बलरामपुर। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को पैसा देकर बूस्टर डोज लगवाने की सुविधा प्रदान कर दी है। इस आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए सरकार ने भले ही आदेश जारी कर दिया है लेकिन प्राइवेट अस्पताल इसमें दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। इसके चलते जिले में इस आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने की मुहिम अभी तक शुरू नहीं हो पाई है। पैसा लेकर बूस्टर डोज लगाने में प्राइवेट अस्पतालों को लाभ से ज्यादा नुकसान होने का डर सता रहा है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अरुन कुमार ने बताया कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लोगों से पैसा लेकर बूस्टर डोज लगाने का आदेश जारी कर दिया है। सरकार की तरफ से बूस्टर डोज की कीमत 225 रुपये निर्धारित की गई है। यदि प्राइवेट अस्पताल किसी को बूस्टर डोज लगाते हैं तो वह 150 रुपये सर्विस चार्ज ले सकते हैं।
इसके अतिरिक्त एक डोज पर 11.25 रुपये जीएसटी भी वसूल किया जाएगा। इस तरह इस आयु वर्ग का कोई भी व्यक्ति निजी अस्पताल में 386.25 रुपये देकर कोरोना टीके की बूस्टर डोज लगवा सकता है। बूस्टर डोज लगाने की अनुमति ऐसे अस्पताल को ही दी जायेगी जिनके पास वैक्सीन सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड चेन की व्यवस्था हो।
निजी अस्पतालों को बूस्टर डोज लगाने के लिए कोविशील्ड की कम से कम 50 वायल एवं कोवैक्सीन की कम से कम 16 वायल वैक्सीन सीधे कंपनी से मंगानी होगी। कोल्ड चेन प्रबंधक श्यामजी मिश्र ने बताया कि सरकार के निर्देश पर पैसा लेकर बूस्टर डोज लगाने के लिए छह प्राइवेट अस्पतालों से संपर्क किया गया लेकिन अभी तक कोई तैयार नहीं हुआ है।
निजी अस्पताल संचालकों का कहना है कि पैसे देकर कोई भी टीका लगवाने नहीं आता है। एक समस्या और है कि एक वायल में कम से कम 10 डोज वैक्सीन होती है। वैक्सीन की डोज लगवाने दस लोग इकट्ठा आते ही नहीं हैं। ऐसे में एक-दो लोगों को वैक्सीन लगाने पर बची हुआ डोज खराब हो जाती है। वैक्सीन की डोज खराब होने से काफी नुकसान झेलना पड़ता है।
सरकार के निर्देशानुसार जिले में 18 से 59 वर्ष आयु वर्ग के लोगों को बूस्टर डोज लगाने के लिए निजी अस्पतालों से संपर्क किया जा रहा है। कुछ निजी अस्पतालों के संचालकों से बात भी हुई है। बूस्टर डोज लगाने के संबंध में जो गाइड लाइन प्राप्त हुई है, उसके अनुसार जल्द ही बूस्टर डोज देने की मुहिम शुरू की जायेगी।
डॉ. सुशील कुमार, सीएमओ बलरामपुर