बलरामपुर। जिस तरह से आजादी के बाद इंदिरा गांधी को यह गुरुर था कि उनके हाथ से सत्ता कभी नहीं जाएगी लेकिन जनता ने इमरजेंसी के बाद उनका भी गुरूर तोड़ दिया था। इसी तरह मोदी और योगी के सत्ता का गुरूर भी उत्तर प्रदेश की जनता तोड़ेगी। कांग्रेस, सपा तथा बसपा ने पिछले 70 सालों से सिर्फ सत्ता के लिए मुसलमानों का इस्तेमाल किया।
यह बातें रविवार को महुआ बाजार में आयोजित एआईएमआईएम के शोषित वंचित समाज सम्मेलन को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन औवेशी ने कही। उन्होंने कहा कि आज देश के मुसलमानों को सत्ता में अपनी हिस्सेदारी के लिए लड़ना होगा।
2022 के चुनाव में आप पार्टी के रहनुमाओं को चुनें। यही लोग विधान सभा में आपकी आवाज उठाएंगे। केंद्र सरकार द्वारा पारित सीएए कानून मुसलमानों के लिए जिंदगी और मौत का मामला है। हम सभी लोगों को एक होकर इसके खिलाफ आवाज उठानी होगी।
जिस तरह से किसान बिल वापस हुआ है उसी तरह सरकार को सीएए जैसा काला कानून भी वापस लेना पड़ेगा। भाजपा सरकार जबसे सत्ता में आई है तब से गरीबों पर सबसे अधिक मुकदमें दर्ज किए गए हैं। प्रदेश का क्राइम रेट सबसे अधिक है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ठोकों की पॉलिसी में मस्त हैं। हम यह बता देना चाहते हैं कि हम किसी की बी-टीम नहीं हैं। जिन लोगों ने देश की आजादी में अपने जान की कुर्बानी दी है हम उनकी बी-टीम हैं।
सम्मेलन को पार्टी प्रत्याशी डॉ. अब्दुल मन्नान खां, महाराष्ट्र औरंगाबाद के सांसद इम्तियाज जलील, वारिस पठान, प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, जिलाध्यक्ष जैद निजामुद्दीन आदि ने भी संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर जमकर हमला बोला। इस मौके पर गुड्डू पासा, अरशद अली, मुबारक, मलिक मोनिस सहित तमाम लोग मौजूद रहे।