बलरामपुर। जरवा कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत पिपरा दुर्गानगर के मजरा प्रतापपुर के पास पांच शावकों के साथ मादा तेंदुआ कई दिन से छिपी है। वह आसपास के गांवों में लोगों के मवेशियों को निवाला बना रही है। इससे ग्रामीणों में दहशत है मगर वन विभाग के अधिकारी तेंदुए के खुद ही वहां से जाने का इंतजार कर रहे हैं। वह ग्रामीणों को सतर्क रहने का सुझाव देकर पल्ला झाड़ रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों से शीघ्र मादा तेंदुए व शावकों को पकड़वाकर जंगल में छोड़ने की मांग की है।
प्रतापपुर निवासी मनोहर, कमल, राजाराम, छेदी, दुर्गा, सुखराम आदि ने डीएफओ को भेजे गये पत्र में कहा है कि जनकपुर रेंज में बुढ़वा नाले के पास जो गांव से कुछ दूरी पर है, वहां 15 दिन से मादा तेंदुआ पांच शावकों के साथ डटी हुई है। क्षेत्र के प्रतापपुर के साथ ही लैबुड़वा, पिपरा व दुर्गा नगर में भी मादा तेंदुए का खौफ है।
उसने शावकों संग रहने के लिए मांद भी बना ली है। रात के समय मांद से निकलकर वह लोगों के मवेशियों को निवाला बनाती है। तेंदुए को लेकर क्षेत्र में दहशत व्याप्त है। वन दरोगा व वन रक्षक को कई बार सूचना दी गई, मगर अभी तक तेंदुए को पकड़कर जंगल में नहीं छोड़ा गया।
जनकपुर रेंज के रेंजर अमरजीत ने बताया कि प्रतापपुर में बुढ़वा नाले के किनारे मांद में छिपी मादा तेंदुआ व शावकों को पकड़कर जंगल में छोड़ने की जिम्मेदारी वन दरोगा तरंग व वन रक्षक अमित कुमार सारस्वत को सौंपी गई है। शीघ्र ही शावकों संग मादा तेंदुआ को पकड़कर जंगल में छोड़ दिया जाएगा।