बलरामपुर। मैडम, छह साल पहले हमारी शादी हुई थी। पांच साल बाद हमारा गौना आया। गौना आने के बाद ससुरालीजन दहेज में दो लाख रुपए नकद और एक मोटरसाइकिल की मांग करने लगे। इतना ही नहीं दो माह पहले इन लोगों ने हमारे साथ मारपीट करते हुए घर से निकाल दिया है। हमारा जेवर व कपड़ा भी छीन लिया है। हमें न्याय दिलवा दीजिए।
यह फरियाद मंगलवार को विकास भवन सभागार में थाना पचपेड़वा के ग्राम आदमतारा निवासी सुशीला यादव ने राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति एवं एकता सिंह के समक्ष की। इस पर एएसपी नम्रिता श्रीवास्तव को तत्काल मामले में कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया। जनसुनवाई के दौरान महिला उत्पीड़न से संबंधित सात मामले प्रस्तुत हुए, इन शिकायतों का निस्तारण करने को कहा गया। निराश्रित महिला पेंशन व वृद्धापेंशन आदि योजनाओं का लाभ सभी को मिले इसके लिए कैंप लगाकर आवेदन लिए जाएं। जनसुनवाई से पहले राज्य महिला आयोग की सदस्य ने संयुक्त जिला चिकित्सालय परिसर में स्थित वन स्टॉप सेंटर, महिला अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र सेखुईकला का भी निरीक्षण किया।
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महिला बंदियों से किया संवाद
- महिला आयोग की सदस्य ने जिला कारागार का निरीक्षण किया। महिला बैरक में निरुद्ध बंदियों से संवाद किया। नाश्ता, भोजन सहित अन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही जेलर शैलेश कुमार सोनकर ने बंदियों की मुलाकात के बारे में जानकारी दी।
महिलाओं को शिक्षित करने की आवश्यकता
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजू प्रजापति का कहना है कि बलरामपुर में शिक्षा की कमी है। कहा कि महिलाओं की सुनवाई के साथ ही माह के पहले व तीसरे बुधवार को आवंटित जिलों का निरीक्षण करने की व्यवस्था है। बताया कि इसका उद्देश्य है कि जिलों में पहुंचकर महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना है।