बलरामपुर। जिले के सभी माध्यमिक स्कूलों में सोमवार को कोरोना महामारी के चलते पांच माह बाद विद्यार्थियों की रौनक गूंजी। दो पालियों में विद्यालयों का संचालन शुरु हो गया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक देवीपाटन मंडल शिक्षा भवन अयोध्या आनंदकर पांडेय, डीआईओएस गोविंद राम, डॉ. चंदन पांडेय, शैलेंद्र वर्मा व अमित त्रिपाठी ने विद्यालयों का निरीक्षण कर जायजा लिया।
कोरोना महामारी से बचाव के लिए विद्यालयों में सभी इंतजाम किए गए। माध्यमिक स्कूलों को दो पालियों में चलाए जाने को लेकर आक्रोशित शिक्षकों ने काली पट्टी बांध कर शिक्षण कार्य करते हुए विरोध जताया।
संयुक्त शिक्षा निदेशक ने भगवती आदर्श विद्यालय, गर्ल्स इंटर कालेज, सिटी मांटेसरी इंटर कालेज, बलरामपुर माडर्न इंटर कालेज, शारदा पब्लिक स्कूल इंटर कालेज, राजकीय इंटर कालेज दारीचौरा, राजकीय बालिका इंटर कालेज उतरौला व स्कालर अकादमी इंटर कालेज उतरौला का निरीक्षण कर शिक्षण कार्य का जायजा लिया।
गर्ल्स इंटर कालेज में शिक्षिका शिव कुमारी अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण किए गए सभी स्कूलों में शिक्षक-शिक्षिकाओं, छात्रा छात्राओं व शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की उपस्थिति आदि के बारे में जांच की गई। सभी प्रधानाचार्यो को शिक्षण कार्य में लापरवाही न बरतने का निर्देश दिया गया।
प्रथम पाली में कक्षा 9 व 10 और द्वितीय पाली में कक्षा 11 व 12 के विद्यार्थियों को कोरोना प्रोटोकाल के तहत कक्षाओं में छात्र-छात्राओं को पढ़ाया गया। कोरोना प्रोटोकाल के पालन में हीलाहवाली व लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
पायनियर पब्लिक स्कूल के प्रबंधक डा. एमपी तिवारी ने बताया कि विद्यार्थियों का थर्मल स्केनिंग के बाद प्रवेश व सोशल डिस्टेसिंग के साथ शिक्षण कार्य प्रारंभ किया गया है। कोरोना महामारी के चलते करीब पांच माह बाद विद्यालयों के खुलने पर छात्र-छात्राओं ने खुशी जताई।
कहा कि कक्षाओं में पढ़ाई न होने के चलते उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा है। ऑनलाइन के बजाए ऑफलाइन वाली कक्षाओं में पढ़ाई करने से समझ में आता है। माध्यमिक शिक्षक संघ के जिला महामंत्री व बसंतलाल इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार पांडेय ने बताया कि दो पालियों में पहली बार विद्यालयों का संचालन शुरू किया गया है जिसे लेकर शिक्षकों में आक्रोश है। प्रांतीय नेतृत्व के निर्देश पर जिले के सभी शिक्षक- शिक्षिकाओं ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।