बलरामपुर। मंगलवार की रात लखमा गांव के पास राप्ती नदी का तटबंध कट गया। इससे गांव में हाहाकार मच गया। सूचना पर पहुंची प्रशासन की टीम ने बोल्डर व अन्य सामग्री डालकर महज छह घंटे के भीतर ही कटान को रोक लिया। इससे करीब बीस गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, ललिया व महाराजगंज तराई में आधा दर्जन गांवों की सड़क कटने से लोगों का आवागमन प्रभावित है। वैसे राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 35 सेंटीमीटर ऊपर है।
ब्लॉक श्रीदत्तगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत लखमा में मंगलवार की रात गांव के बगल स्थित तटबंध में एकाएक कटान शुरू हो गई। सूचना मिलते ही डीएम पवन अग्रवाल के निर्देश पर रात में ही अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंच गई। भोर में तीन बजे से कटान स्थल पर शुरू हुआ काम सुबह नौ बजे तक चला। इसके बाद कटान स्थल पर मिट्टी व अन्य सामग्री डालकर कटान को रोक दिया गया। इससे करीब बीस गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं, तटबंध की अन्य स्थानों पर मरम्मत शुरू करा दी गई है।
ऐसे बचाव कार्य में जुटे लोग
- ग्रामीण कुलदीप, बाबादीन, राम नरेश, भीखी, रामजी ने बताया कि रात 12 बजे के करीब पानी की जोर आवाज हुई, तो कुछ लोगों ने देखा कि बगल में स्थित तटबंध कट गया है। यह देखकर शोर मचाया गया। गांव में स्थित मस्जिद से एलान करवाया गया। गांव वाले सामूहिक रूप से अपने स्तर से कटे बांध को बांधने का प्रयास करने लगे। लेकिन, पानी का बहाव तेज था। बांध ज्यादा समय तक टिक नही पाता और कट जाता। ग्राम प्रधान अरविंद ने रात में ही प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद तटबंध को बचाने के लिए जेसीबी मशीनें लगाई गई। कई घंटों के कड़ी मशक्कत के बाद पूरी तरह तटबंध बांधने में सफलता पाई।
थाने में चल रही नाव
गौरा चौराहा। बाढ़ का पानी गौरा चौराहा थाने में भर गया है। यहां पर पुलिस कर्मियों को नाव से बाहर निकलना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त जैतापुर से पचपेड़वा राजमार्ग पर गनवरिया के पास रोड पर बाढ़ का पानी बहने लगा है। वीरपुर देवलहा जाने वाला रास्ता कट गया है। देवलहा में भी मुश्किल बढ़ गई है।