फोटो-7-बलरामपुर के दीन दयाल शोध संस्थान में महाराणा प्रताप की मूर्ति पर पुष्पार्चन करते सांसद बृज
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बलरामपुर। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित दीनदयाल शोध संस्थान इमिलिया कोडर में गुरुवार को महाराणा प्रताप की जयंती धूमधाम से मनाई गई। गोष्ठी में महाराणा प्रताप के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया। इस दौरान लोगों को राष्ट्र की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहने की शपथ भी दिलाई गई।
मुख्य अतिथि राष्ट्रीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष व कैसरगंज सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। महाराणा प्रताप के जीवनवृत्त पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि कोई चलता पदचिह्नों पर, कोई पदचिह्न बनाता है, है वही सूरमा इस जग में, जो अपनी राह बनाता है। ये पंक्तियां महाराणा प्रताप की शौर्यगाथा को प्रदर्शित करने के लिए काफी हैं। महाराणा प्रताप ने राजा होने के बावजूद घास की रोटी खाकर भी सम्मान की लड़ाई के साथ कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने स्वाधीनता की लड़ाई पूरे जीवनकाल लड़ी। ये उनका पराक्रम ही था कि उनका नाम हमेशा के लिए अमर हो गया।
सांसद ने थारु जनजाति के विकास के लिए हर संभव सहायता देने की बात कहते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित बनाएं। शिक्षा के बल पर ही समाज व राष्ट्र का विकास संभव है। गोष्ठी को सदर विधायक पल्टूराम, विधायक प्रेम नरायन पांडेय, दीनदयाल शोध संस्थान के सचिव अभय महाजन व जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी आदि ने भी संबोधित किया। इस दौरान सभी ने राष्ट्र रक्षा के प्रति सदैव तत्पर रहने की शपथ ली। कार्यक्रम में चंद्रप्रकाश सिंह गुड्डू, सुरेश सिंह शेरा, धर्मेंद्र प्रताप सिंह, अजीत सिंह, हिमेंद्र थारु, मंगल प्रसाद, सुनील चौधरी, फूलमती, प्रेमलाल यादव आदि मौजूद रहे।