बलरामपुर। आधुनिक संसाधनों से लैस संयुक्त जिला चिकित्सालय में जल्द ही ब्लड कम्पोनेंट सेपरेटर यूनिट का संचालन शुरू होगा। ब्लड सेपरेटर यूनिट के लिए चिकित्सालय परिसर में नए भवन का निर्माण कार्य अंतिम दौर में चल रहा है। इसके लिए फ्रीजर व सेपरेटर मशीन की मांग की गई है। भवन का निर्माण पूरा होते ही ब्लड सेपरेटर यूनिट का संचालन शुरू कर दिया जाएगा। यह यूनिट शुरू होने पर खून से प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल), प्लेटलेट्स एवं इम्यूनोग्लोबिन कम्पोनेंट एकत्र किये जा सकेंगे।
बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने को जिला अस्पताल में ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउंड, डिजीटल एक्स-रे, दो-दो ऑक्सीजन प्लांट एवं बीएसएल-2 लैब जैसे संसाधन मुहैया हैं।
अब अस्पताल में खून से चार कम्पोनेंट अलग करने के लिए ब्लड कम्पोनेंट सेपरेटर यूनिट का संचालन भी जल्द शुरू होगा। ब्लड बैंक के बगल में ही ब्लड कम्पोनेंट सेपरेटर यूनिट के भवन का निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
इस यूनिट के लिए फ्रीजर व सेपरेटर मशीन की मांग शासन स्तर से की गई है। ब्लड सेपरेटर यूनिट का संचालन शुरू होने पर खून से प्लाज्मा, पीआरबीसी (पैक्ड रेड ब्लड सेल), प्लेटलेट्स एवं इम्यूनोग्लोबिन कम्पोनेंट अलग किए जा सकेंगे।
संयुक्त जिला चिकित्सालय बलरामपुर के सीएमएस डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि संयुक्त जिला अस्पताल में ब्लड सेपरेटर यूनिट का संचालन शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। भवन का निर्माण कार्य पूरा होने से पहले जरूरी मशीनों को मंगा लिया जाएगा।
सब कुछ सही रहा तो नये साल में मरीजों को इस यूनिट के संचालन का तोहफा मिलेगा। इससे खून के पीआरबीसी कम्पोनेंट से एनीमिया, सर्जरी, एक्सीडेंट के मरीजों को इलाज में काफी फायदा मिलेगा। इसी तरह प्लेटलेट्स कंपोनेंट से डेंगू के मरीजों का और प्लाज्मा कम्पोनेंट डी-हाइड्रेशन व कोरोना के मरीजों के इलाज में भी काफी फायदा मिलेगा।