बलरामपुर। विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे एंबुलेंस कर्मियों का धरना प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन बुधवार को जारी रहा। अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए एंबुलेंस कर्मी चक्का जाम पर अड़े रहे। एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिजन निजी वाहन अथवा ई रिक्शा से मरीजों को अस्पताल पहुंचा रहे हैं। मरीजों की समस्या को देखते हुए सीएमओ ने एंबुलेंस का संचालन स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कराने के लिए एंबुलेंस कब्जे में ले लिया है।
बड़ा परेड ग्राउंड में धरना प्रदर्शन करते हुए एंबुलेंस कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह ने कहा कि तीन दिनों से हड़ताल व चक्का जाम के बावजूद सरकार हमारी मांगों के प्रति पूरी तरह उदासीन है। कोरोनाकाल में जीवन खतरे में डालकर एंबुलेंस कर्मियों ने मरीजों को अस्पताल पहुंचाया। एंबुलेंस संचालन की जिम्मेदारी नई कंपनी को दे दी गई है। नई कंपनी ने नई भर्ती के लिए 20 हजार रुपए का डिमांड ड्राफ्ट मांगा है। हम लोगों की नौकरी खतरे में पड़ गई है।
एंबुलेंस कर्मियों ने मांग किया कि एंबुलेंस संचालन के कार्य में ठेका प्रथा बंद की जाए। कर्मचारियों को एनएचएम में शामिल किया जाए। कोरोना काल में मरने वाले एंबुलेंस कर्मियों के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाए। हम लोगों की नौकरी सुरक्षित की जाए। प्रदर्शन के दौरान रामशंकर सिंह, सूरज पांडेय, राज कुमार जायसवाल, शैलेन्द्र मिश्र, सर्वेश्वर पाठक, प्रिंस सिंह, बुधराम वर्मा, रमेश मिश्र, अनुज कुमार व अभय आदि मौजूद रहे।
एंबुलेंस कर्मचारियों की हड़ताल से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में काफी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। परिजन अपने मरीजों को ई रिक्शा व निजी वाहनों से अस्पताल पहुंचाने को विवश हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को मरीज पहुंचाने में सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। एंबुलेंस उपलब्ध न होने से सदर ब्लाक के पीलीभीत गांव निवासी श्याम लाल अपनी मां को बाइक पर बैठाकर अस्पताल पहुंचाया। तुलसीपुर ब्लाक के रमवापुर निवासी शिवशंकर की पत्नी को चोट लग गई थी। एंबुलेंस न होने पर ई-रिक्शा के माध्यम से उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया। इसी तरह की समस्या तमाम स्थानों पर देखने को मिली।
स्वास्थ्य विभाग ने कब्जे में ले लीं सभी एंबुलेंस
- एंबुलेंस कर्मियों की हड़ताल से मरीजों को अस्पताल पहुंचने में हो रही असुविधा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एंबुलेंस का संचालन स्वयं करने का निर्णय लिया है। सीएमओ डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि जिले के सभी नौ सीएचसी से तीन-तीन तथा जिला अस्पतालों से दो-दो सहित कुल 37 चालक बुलाए गए हैं। इन चालकों से एंबुलेंस का संचालन कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि बुधवार को 108 की 13 व 102 की 6 एंबुलेंस का संचालन शुरू कर दिया गया है।