बलरामपुर। नगर में जर्जर बिजली के तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। बिजली के खंभों से खींचे गए कनेक्शनों का मकड़जाल लोगों को हैरत में डाल देता है। नगर में कई जगहों पर बिजली के उलझे तार और तारों के झुरमुट शहर की सुंदरता बिगाड़ने के साथ खतरा भी उत्पन्न कर रहे हैं। निजी टेलीकॉम कंपनियों के तारों ने भी बिजली के खंभों पर अवैध अतिक्रमण कर लिया है। इन तारों में शाॅर्ट सर्किट होने से अक्सर आग लगती रहती है। इसके बावजूद विभाग इन तारों को बदलने की ओर से लापरवाह बना हुआ है।
जिले में एबीसी (एरियल बंच कंडक्टर) तार लगाने का कार्य करीब चार साल पहले शुरु किया गया था। इन एबीसी तारों के कवर्ड रहने से दुर्घटना की आशंका काफी कम हो जाती है। तारों को तो बदल दिया गया लेकिन खंभों पर घरेलू कनेक्शनों का मकड़जाल पूरी तरह से फैला हुआ है। इससे हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। गर्मी के दिनों में लोड व हीटिंग बढ़ने के कारण तारों में शाॅर्ट सर्किट से अक्सर आग लग जाती है। तार टूटकर जमीन पर गिर जाते हैं जिससे कभी भी बड़ी दुर्घटना हो सकती है। वहीं खंभों पर तारों के मकड़जाल से नगर की सुंदरता प्रभावित होती है। वीर विनय चौराहा से चौक जाने वाली सड़क पर निकलते ही तारों के झुंड दिख जाते हैं। कहीं-कहीं तो ये तार इतना नीचे लटके हैं कि कभी भी किसी ऊंचे वाहन की चपेट में आ सकते हैं। इससे भी दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता।
निजी ऑपरेटरों के तारों का भी कब्जा
कई खंभों पर बिजली के तारों के अलावा फाइबर कनेक्शन व कंपनियों के तार भी दौड़ाए गए हैं। इससे खंभों पर तारों का मकड़जाल दिख रहा है। बिजली विभाग से अनुमति लिए बिना खींचे गए इन तारों को हटाने के लिए कभी कोई प्रयास हुआ।
होगी कार्रवाई
बिजली के खंभों पर बिना अनुमति के तारों को नहीं लगाया जा सकता है। ऐसा करने वाले कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बालकृष्ण, अधिशासी अभियंता विद्युत